सागर जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम एक प्रभावी मंच के रूप में लगातार अपनी भूमिका निभा रहा है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनसुनवाई में कुल 237 आवेदनों पर सुनवाई की गई, जहाँ विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों ने प्रत्येक आवेदक की समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में प्रतिभा पाल (कलेक्टर), विवेक केवी (जिला पंचायत सीईओ), अविनाश शर्मा (अपर कलेक्टर) और विजय डेहरिया (डिप्टी कलेक्टर) सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में आमजन को सीधे अपनी बात रखने का अवसर मिला, जिससे समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ा।
जनसुनवाई कार्यक्रम राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक मंगलवार को आयोजित किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक सुलभ और प्रभावी मंच प्रदान करना है। इस पहल के माध्यम से प्रशासन यह सुनिश्चित करता है कि नागरिकों को अपनी शिकायतों के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े और एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों से सीधा संवाद हो सके।

इस जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों में राजस्व, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, बिजली, पानी, सड़क, आवास योजना, भूमि विवाद और अन्य प्रशासनिक विषयों से संबंधित शिकायतें शामिल थीं। कई आवेदकों ने व्यक्तिगत समस्याओं जैसे नामांतरण, सीमांकन, राशन कार्ड और शासकीय योजनाओं का लाभ न मिलने की शिकायत भी दर्ज कराई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लें और समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित करें।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से कार्य करें और समाधान की स्थिति की नियमित समीक्षा भी करें। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों का तत्काल निराकरण संभव है, उन्हें मौके पर ही हल किया जाए, जबकि जटिल मामलों के लिए निर्धारित समय-सीमा तय कर कार्यवाही की जाए।
जनसुनवाई के दौरान कई मामलों में मौके पर ही समाधान भी किया गया, जिससे नागरिकों को राहत मिली। कुछ मामलों में आवश्यक दस्तावेजों की कमी पाई गई, जिनके लिए संबंधित आवेदकों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी आवेदक को बिना संतोषजनक उत्तर के वापस न लौटना पड़े।

इस प्रकार की जनसुनवाई से प्रशासन और जनता के बीच संवाद मजबूत होता है और शासन की योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचाने में सहायता मिलती है। यह पहल न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही को भी सुनिश्चित करती है।
सागर में आयोजित यह जनसुनवाई कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि जिला प्रशासन आमजन की समस्याओं को लेकर गंभीर है और उनके समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। यदि इसी तरह नियमित रूप से जनसुनवाई आयोजित होती रही और अधिकारियों द्वारा प्रभावी कार्यवाही की जाती रही, तो निश्चित रूप से लोगों का शासन-प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।