खुरई में आयोजित तीन दिवसीय डोहेला महोत्सव के दौरान हुई तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया था, क्योंकि महोत्सव जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम में इस तरह की अव्यवस्था और नुकसान की घटना ने लोगों को हैरान कर दिया था।
यह मामला 5 से 7 अप्रैल के बीच खुरई के किला मैदान में आयोजित डोहेला महोत्सव का है, जहां बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम का आनंद लेने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने अचानक उत्पात मचाना शुरू कर दिया और देखते ही देखते सैकड़ों कुर्सियों को तोड़ डाला। जानकारी के अनुसार, कुल 684 कुर्सियां इस घटना में क्षतिग्रस्त हुईं, जिससे नगर पालिका को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसमें साफ देखा जा सकता था कि कुछ युवक और बच्चे कुर्सियों को उठाकर पटक रहे हैं और माहौल को बिगाड़ रहे हैं। इस घटना ने न केवल आयोजन की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी।

घटना के बाद नगर पालिका के कर्मचारी लतीफ खान ने इस मामले में पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी और किला मैदान तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। पुलिस की यह रणनीति कारगर साबित हुई और धीरे-धीरे आरोपियों की पहचान सामने आने लगी।
जांच के दौरान पुलिस ने दो युवकों की पहचान की, जो नागटोरिया क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। इनमें परबाज नट और अभिषेक वंशकार शामिल हैं। पुलिस ने मंगलवार शाम को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और थाने लाकर उनसे पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
इस पूरे मामले में थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि कुर्सियों को तोड़ने से काफी नुकसान हुआ है और इस तरह की हरकत किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस अन्य वीडियो फुटेज की भी जांच कर रही है, ताकि इस घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सके।

पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस तरह की तोड़फोड़ न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह समाज के लिए भी गलत संदेश देता है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की हरकत करने से पहले सोचने को मजबूर हो।
डोहेला महोत्सव जैसे आयोजन सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं आयोजन की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अब इस बात को लेकर सतर्क हैं कि आगे होने वाले आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और भी मजबूत की जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
कुल मिलाकर, खुरई पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।