359 यूनिट रक्त संग्रहण के साथ रक्तदान शिविर का तीसरा दिन संपन्न
तीन दिनों में कुल 1105 यूनिट रक्त का हुआ संग्रहण
पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा – “रक्तदान सरल और लाभकारी सेवा है”
सागर, मध्यप्रदेश | 19 मई 2025
मध्यप्रदेश के रक्तदान इतिहास में 18 मई का दिन एक सुनहरे अध्याय के रूप में अंकित हो गया, जब पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित वृहद रक्तदान शिविर ने तीसरे दिन 359 यूनिट रक्त संग्रहित कर एक नया कीर्तिमान रच दिया। तीन दिनों में कुल 1105 लोगों ने रक्तदान किया, जो इस क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी सामाजिक भागीदारी और रक्तदान महाअभियान की मिसाल बन गई है।

व्यापक जनभागीदारी और प्रशासनिक तैयारी
तीसरे दिन रक्तदाताओं की अत्यधिक संख्या को देखते हुए दीपाली परिसर में बनाए गए 60 बिस्तरों की क्षमता वाले वातानुकूलित इंपीरियल हॉल के साथ कोहेनूर हॉल को भी सक्रिय किया गया। अतिरिक्त 40 बिस्तरों की व्यवस्था के साथ लगभग 100 बेड की क्षमता दिनभर क्रियाशील रही। नर्सिंग स्टाफ की सक्रियता एवं कुशलता रक्तदाताओं की समर्पण भावना की सजीव प्रतिकृति रही।
सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
रक्तदान में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक समूहों, अधिकारियों, पत्रकारों और कर्मचारियों ने भारी संख्या में सहभागिता की। पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह की पुत्री कु. उपमा सिंह सहित उनके 19 परिजनों ने रक्तदान कर उदाहरण प्रस्तुत किया।
जिले के एसडीएम रवीश श्रीवास्तव (बंडा) और मनोज चौरसिया (खुरई), तहसीलदार यशोवर्धन सिंह, नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, पार्षद रूबी पटेल, धर्मेंद्र गुड्डा खटीक, राजकुमार पटेल, और अन्य गणमान्य नागरिकों ने समर्थकों के साथ रक्तदान कर इस आयोजन को जन आंदोलन का रूप दिया।

धार्मिक और जातीय एकता की मिसाल
शिविर में सभी समुदायों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
- भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अजमेरी राइन के साथ 17 मुस्लिम साथियों ने रक्तदान किया।
- सिंधी समाज से सुरेश हसरेजा, चंदू बुधवानी सहित 8 अन्य सदस्य शामिल हुए।
- क्षत्रिय महासभा की युवा शाखा के नेतृत्व में रहली से 24 युवाओं ने रक्तदान किया।
- पत्रकार, सरपंच, जनपद सदस्य, जीआरपी, एमपीईबी, शिक्षक और स्कूल स्टाफ जैसे विविध क्षेत्र के लोगों ने रक्तदान कर सहयोग दिया।
महिला रक्तदान का ऐतिहासिक योगदान
रक्तदान शिविर का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू महिलाओं की रिकॉर्ड भागीदारी रही। शिविर में अब तक 45 महिलाओं ने रक्तदान किया, जो स्वयं में एक उपलब्धि है।
- अनुराधा शुक्ला ने तीसरे दिन की शुरुआत की।
- कु. उपमा सिंह, श्रीमती कला लोधी, दिव्या लोधी, विशाखा विश्वकर्मा, लता मलैया, सोमनाथपुरम की सिद्धि शुक्ला, कुसुम राजहंस, शालू वाल्मीकि, रीना राजकुमार राय, वर्षा सिंह गोदना, काजल सिंह गोदना, और अन्य महिलाओं ने रक्तदान कर महिला सहभागिता का नया अध्याय जोड़ा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार महिलाओं में रक्तदान को लेकर जागरूकता की कमी है, लेकिन इस शिविर ने यह मिथक तोड़ दिया।

नगर निगम परिवार की प्रेरक भूमिका
नगर निगम परिषद के अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, एमआईसी सदस्य राजकुमार पटेल, धर्मेंद्र खटीक, पार्षद रूबी पटेल एवं उनके परिवारों, और पार्षद याकृति जड़िया के भाई सहित कई निगम कर्मियों और पारिवारिक सदस्यों ने रक्तदान कर “निगम परिवार” की प्रतिबद्धता को प्रमाणित किया।
उपस्थित गणमान्य एवं सामाजिक चेहरे
इस रक्तदान यज्ञ में सैकड़ों लोगों की उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से:
- पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह
- पूर्व विधायक वीर सिंह पवार (कुरवाई)
- पूर्व विधायक महेश राय (बीना)
- वरिष्ठ भाजपा नेता संजय बापट
- महापौर प्रतिनिधि डॉ. सुशील तिवारी
- जिला भाजपा, युवा मोर्चा, क्षत्रिय महासभा, महिला मोर्चा, शिक्षक, कर्मचारी संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।

मानवता का उत्सव बना रक्तदान शिविर
यह वृहद रक्तदान शिविर न केवल रक्त की आवश्यकता की पूर्ति का माध्यम बना, बल्कि यह सामाजिक एकता, मानवता और सेवा भाव का प्रेरणास्रोत भी सिद्ध हुआ। विभिन्न वर्गों, समुदायों, राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की साझी भागीदारी ने इस शिविर को सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन बना दिया।
पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा, “रक्तदान एक सरल और लाभकारी सेवा है, जिससे किसी का जीवन बचाया जा सकता है। यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है।”