सड़क सुरक्षा पर सख्त कदम: सागर को “शून्य मृत्यु जिला” बनाने की कार्ययोजना तैयार !

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सागर -जिले में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों को शून्य करने के लक्ष्य के साथ जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा को लेकर अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समन्वित कार्ययोजना बनाकर तेज गति से अमल करने के निर्देश दिए।


कलेक्टर ने कहा कि सागर जिले में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को शून्य करने के लिए सभी विभागों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने ब्लैक स्पॉट्स को प्राथमिकता के आधार पर समाप्त करने और सभी आवश्यक सुधार कार्य तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए।


यातायात व्यवस्था सुधार के प्रमुख निर्देश

बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए—

  • सिविल लाइन क्षेत्र में यातायात सिग्नल प्रणाली को शीघ्र शुरू किया जाए
  • सागर–खुरई रोड पर जरुआखेड़ा आरओबी का कार्य तेज गति से पूरा किया जाए
  • राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने सभी अनावश्यक डिवाइडर कट तत्काल बंद किए जाएं
  • मकरोनिया चौराहे से बंडा रोड तक अधूरे डिवाइडर कार्य को शीघ्र पूर्ण किया जाए

सड़क सुरक्षा के लिए तकनीकी और भौतिक उपाय

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि निर्माणाधीन सड़कों पर अनिवार्य रूप से साइन बोर्ड, चेतावनी संकेत और स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके। इसके अलावा सभी ब्लैक स्पॉट्स पर तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।


कृषि मंडियों और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा

कलेक्टर ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि सभी कृषि मंडियों में आने वाले ट्रैक्टर-ट्रालियों पर रेडियम रिफ्लेक्टर स्ट्रिप्स अनिवार्य रूप से लगाई जाएं, जिससे रात के समय दुर्घटनाओं से बचा जा सके।


आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने पर जोर

बैठक में एंबुलेंस सेवाओं और पेट्रोलिंग वाहनों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि—

  • एंबुलेंस और पेट्रोलिंग वाहन चालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए
  • दुर्घटना के बाद रिस्पांस टाइम (प्रतिक्रिया समय) को न्यूनतम रखा जाए
  • घायल व्यक्ति को “गोल्डन आवर” में अस्पताल पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए

इसके साथ ही जिले के सभी कैशलेस अस्पतालों की सूची जारी करने और एंबुलेंस चालकों को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए गए, ताकि मरीज को सीधे उपयुक्त अस्पताल पहुंचाया जा सके।


ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में सुधार

ट्रांसपोर्ट नगर और नए बस स्टैंड को लेकर भी कलेक्टर ने तत्काल बैठक बुलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट और बस ऑपरेटरों के साथ समन्वय कर यातायात दबाव को व्यवस्थित किया जाए, जिससे शहर में जाम और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।


ब्लैक स्पॉट समाप्त करने पर विशेष फोकस

सेव लाइव फाउंडेशन द्वारा चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि—

यदि भविष्य में इन स्थानों पर दुर्घटना होती है, तो संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी को जिम्मेदार माना जाएगा।


बैठक में मौजूद अधिकारी

इस बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री विकास शाहवाल, नगर निगम कमिश्नर श्री राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश सिंहा, सिटी मजिस्ट्रेट श्री गगन बिसेन, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री मनोज तेहगुनिया, लोक निर्माण विभाग अधिकारी श्री साहित्य तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल द्वारा दिए गए निर्देश स्पष्ट करते हैं कि सागर जिले में सड़क सुरक्षा अब सर्वोच्च प्राथमिकता है। “शून्य मृत्यु जिला” का लक्ष्य केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक व्यापक अभियान है जिसमें प्रशासन, पुलिस, तकनीकी विभाग और आम जनता सभी की भागीदारी आवश्यक है।

यदि इन निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो निश्चित रूप से सागर जिले में सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी और एक सुरक्षित यातायात व्यवस्था की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

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