दमोह के कोतवाली थाना क्षेत्र के असाटी वार्ड में मंगलवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 32 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर शराब के नशे में घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल है।
कमरे में जाकर लगाई फांसी
मृतक की पहचान सौरभ असाटी पुत्र लीलाधर असाटी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, सौरभ पिछले कई वर्षों से शराब का आदी था। मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे वह शराब पीकर घर लौटा।
घर पहुंचने के बाद वह सीधे अपने कमरे में गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर तक जब वह बाहर नहीं आया, तो परिजनों को संदेह हुआ। दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे परिजनों ने देखा कि सौरभ फंदे पर लटका हुआ है।

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
परिजनों ने तुरंत उसे नीचे उतारकर जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
6 महीने के बेटे के सिर से उठा पिता का साया
सौरभ की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। उसके परिवार में पत्नी और 6 महीने का एक छोटा बेटा है।
घटना के बाद पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि कम उम्र में ही एक बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया।
6 साल से कर रहा था कच्ची शराब का सेवन
मृतक के भाई गौरव असाटी ने बताया कि सौरभ पिछले करीब छह साल से कच्ची शराब का सेवन कर रहा था। शराब की लत धीरे-धीरे उसकी जिंदगी पर हावी होती चली गई।
परिजनों का मानना है कि इसी लत ने उसकी मानसिक स्थिति को प्रभावित किया और अंततः उसने यह कठोर कदम उठा लिया।
अवैध शराब बिक्री पर गंभीर आरोप
परिवार ने इस घटना के लिए क्षेत्र में खुलेआम बिक रही कच्ची शराब को जिम्मेदार ठहराया है। गौरव असाटी का आरोप है कि पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने एक महिला द्वारा कच्ची शराब बनाई और बेची जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस अवैध कारोबार की जानकारी होने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती। इससे इलाके में कई लोग इस लत का शिकार हो रहे हैं।

पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
परिजनों के अनुसार, कुछ दिन पहले इसी कच्ची शराब के सेवन से एक अन्य युवक की भी मौत हो चुकी है। इसके बावजूद अवैध शराब का कारोबार जारी है, जिससे कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
यह स्थिति न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आत्महत्या के कारणों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
साथ ही, परिजनों द्वारा लगाए गए अवैध शराब बिक्री के आरोपों की भी जांच की जा सकती है।
सामाजिक समस्या के रूप में उभरती शराब की लत
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि शराब की लत किस तरह एक व्यक्ति और उसके परिवार को तबाह कर सकती है। खासकर कच्ची और अवैध शराब का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर काम करना होगा।
दमोह की यह घटना केवल एक आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह शराब की लत और अवैध शराब कारोबार के गंभीर परिणामों को उजागर करती है।
जरूरत है कि प्रशासन अवैध शराब पर सख्ती से रोक लगाए और लोगों में इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाए। साथ ही समाज को भी ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें समय रहते सहायता प्रदान करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।