टीकमगढ़ शहर के ऐतिहासिक सेल सागर तालाब पर अवैध कब्जों के खिलाफ नगर पालिका ने सख्त कदम उठाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार देर रात नगर पालिका की टीम ने तालाब क्षेत्र में पहुंचकर करीब 100 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए और 24 घंटे के भीतर निर्माण संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
ऐतिहासिक तालाब पर बढ़ता अतिक्रमण
शहर के बीच स्थित यह तालाब राजशाही काल में निर्मित बताया जाता है और वर्षों से जल संरक्षण व शहर की सुंदरता का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। लेकिन समय के साथ तालाब की जमीन पर लगातार अतिक्रमण बढ़ता गया।
स्थिति यह हो गई कि कई लोगों ने तालाब के अंदर तक मकान बना लिए, जिससे जल निकासी और संरक्षण दोनों प्रभावित हुए।

सीमांकन में सामने आए 170 से अधिक कब्जे
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। कलेक्टर विवेक श्रोतिय के निर्देश पर तहसीलदार सतेंद्र सिंह गुर्जर और नगर पालिका की टीम ने करीब एक महीने पहले तालाब का सीमांकन कराया।
सीमांकन रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ—तालाब क्षेत्र में 170 से अधिक स्थानों पर अवैध कब्जे पाए गए। यह रिपोर्ट प्रशासन को सौंपे जाने के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
देर रात टॉर्च की रोशनी में कार्रवाई
नगर पालिका की टीम मंगलवार देर रात तालाब क्षेत्र में पहुंची और चिन्हित अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए। खास बात यह रही कि यह पूरी कार्रवाई मोबाइल टॉर्च की रोशनी में की गई, जिसे लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं।
लोगों का कहना है कि इस तरह देर रात कार्रवाई करने से पारदर्शिता पर संदेह होता है और कई लोगों को असुविधा भी हुई।
24 घंटे में मांगे गए दस्तावेज
नगर पालिका द्वारा जारी नोटिस में सभी संबंधित लोगों को 24 घंटे के भीतर अपने निर्माण से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
यदि कोई व्यक्ति तय समय में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करता या दस्तावेज अवैध पाए जाते हैं, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का पक्ष
नगर पालिका के सीएमओ ओमपाल सिंह भदोरिया ने बताया कि यह कार्रवाई सीमांकन रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है। सभी प्राप्त दस्तावेजों की जांच की जाएगी और उसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई को लेकर शहर में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। एक ओर जहां कुछ लोग इसे तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराने की जरूरी पहल मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग प्रक्रिया और समय को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
कई नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती, तो इतनी बड़ी संख्या में अतिक्रमण नहीं होते।
पर्यावरण और जल संरक्षण का मुद्दा
सेल सागर तालाब केवल एक जल स्रोत नहीं, बल्कि शहर के पर्यावरणीय संतुलन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। अतिक्रमण के कारण तालाब का क्षेत्रफल घट रहा है, जिससे जल संग्रहण क्षमता प्रभावित हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाए गए, तो भविष्य में जल संकट की स्थिति पैदा हो सकती है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
अब सभी की नजर इस बात पर है कि दस्तावेजों की जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है। यदि कार्रवाई सख्ती से की गई, तो यह शहर में अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा संदेश हो सकता है।

सेल सागर तालाब पर शुरू हुई यह कार्रवाई शहर के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकती है। हालांकि, इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशासन कितनी पारदर्शिता और सख्ती के साथ आगे बढ़ता है।
यदि अवैध कब्जों को हटाकर तालाब को उसके मूल स्वरूप में लाया जाता है, तो यह न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी होगा, बल्कि शहर की पहचान को भी मजबूत करेगा।