छतरपुर। जिले के गढ़ी मलहरा थाना क्षेत्र के निवारी गांव में अवैध शराब कारोबार को लेकर चल रहे विवाद ने गुरुवार-शुक्रवार की रात हिंसक रूप ले लिया। हथियारबंद बदमाशों ने एक शराब दुकान पर धावा बोलते हुए ठेकेदार पर तलवार, लाठी और डंडों से हमला कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमलावर खुलेआम मारपीट करते नजर आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, शराब ठेकेदार रवि लखेरा को निशाना बनाकर यह हमला किया गया। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते राजा ढाबा से जुड़े कुछ लोगों ने मिलकर इस हमले की साजिश रची और देर रात दुकान पर पहुंचकर अचानक हमला बोल दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों के हाथों में तलवारें और लाठियां थीं। वे बिना किसी डर के दुकान में घुस गए और वहां मौजूद लोगों पर हमला शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया और देर रात तक गांव में तनाव की स्थिति बनी रही।
घटना के दौरान ठेकेदार रवि लखेरा सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों को गहरी चोटें आई हैं, लेकिन उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें हमलावर तलवार लहराते हुए और लाठी-डंडों से हमला करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
गढ़ी मलहरा थाना पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों—धीरेंद्र सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, शुभम सिंह और अनुराग प्रताप सिंह—के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 296B, 115(2), 351(2) के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25B के तहत मामला दर्ज किया गया है।
थाना प्रभारी रीता सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों—ज्ञानेंद्र सिंह और अनुराग प्रताप सिंह—को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा।

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि अवैध शराब का कारोबार इस पूरे विवाद की जड़ है। क्षेत्र में लंबे समय से इसको लेकर आपसी रंजिश चल रही थी, जो अब हिंसक टकराव में बदल गई। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या इसमें कोई संगठित गिरोह सक्रिय है।
घटना के बाद से निवारी गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से समस्या बना हुआ है और इसे लेकर कई बार विवाद भी हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध गतिविधि पर पूरी तरह रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
कुल मिलाकर, यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अवैध कारोबार किस तरह से हिंसा को जन्म दे सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की गहराई से जांच में जुटी हुई है, जबकि ग्रामीणों को जल्द शांति बहाल होने की उम्मीद है।