सागर में नशे पर सख्ती: दवा दुकानों पर बिना पर्ची दवा बिक्री पर रोक, CCTV अनिवार्य !

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सागर,
जिले में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट गगन विशेन और नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप ने दवा विक्रेताओं की महत्वपूर्ण बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाना और दवा दुकानों की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना रहा।

बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट गगन विशेन ने दवा विक्रेताओं को निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी नशे से संबंधित दवाओं का वितरण बिना डॉक्टर की वैध पर्ची के नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी मेडिकल स्टोर संचालक दवाओं की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड संधारित करें, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच की जा सके। विशेष रूप से उन दुकानों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, जहां से अत्यधिक मात्रा में नशीली दवाओं की बिक्री हो रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन डॉक्टरों द्वारा असामान्य रूप से अधिक मात्रा में नशायुक्त दवाएं लिखी जा रही हैं, उनकी जानकारी भी प्रशासन को दी जाए। इससे पूरे नेटवर्क पर निगरानी रखी जा सकेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर के निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना पर्ची दवा बेचने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सभी दवा दुकानों पर CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कैमरों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी और जरूरत पड़ने पर फुटेज के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। यह कदम दवा दुकानों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में सहायक होगा।

इसके साथ ही उन्होंने सभी थोक और फुटकर दवा विक्रेताओं को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने स्टॉक का पूरा हिसाब रखें। हर दवा की खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड अपडेट रखना अनिवार्य किया गया है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत पकड़ा जा सके।

बैठक में औषधि निरीक्षक सोनम जैन और मनीष सुमन सहित जिले के अनेक दवा विक्रेता पदाधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने संयुक्त रूप से यह स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने की गंभीर पहल है।

प्रशासन का मानना है कि नशीली दवाओं की अनियंत्रित बिक्री युवाओं को नशे की ओर धकेल सकती है, जिससे सामाजिक और पारिवारिक समस्याएं बढ़ती हैं। इसलिए दवा विक्रेताओं की जिम्मेदारी है कि वे नियमों का पालन करते हुए केवल वैध तरीके से दवाओं का वितरण करें।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशन में यह कदम जिले में नशामुक्त वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले समय में प्रशासन द्वारा लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जाएगी, ताकि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके।

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