मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 21 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, इन इलाकों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और यह मौसम 5 मई तक बना रह सकता है।
राज्य के जिन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, अनूपपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच और मंदसौर शामिल हैं। इन जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है।
पिछले दो दिनों में प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की जा चुकी है। शुक्रवार को भी कई इलाकों में मौसम बिगड़ा रहा, जिससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है।
वहीं दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, रतलाम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा और सिंगरौली में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है। हालांकि इन क्षेत्रों में भी दोपहर बाद मौसम बदलने की संभावना जताई गई है।

शुक्रवार को जबलपुर और दमोह में बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई। वहीं खंडवा में सबसे अधिक 43.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा नरसिंहपुर में 42.2 डिग्री, रतलाम में 41.2 डिग्री, टीकमगढ़ में 41 डिग्री, बैतूल में 40.8 डिग्री और गुना में 40.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों की बात करें तो उज्जैन में तापमान 40.5 डिग्री, भोपाल में 39.8 डिग्री, इंदौर में 39.4 डिग्री, ग्वालियर में 37.4 डिग्री और जबलपुर में 38 डिग्री दर्ज किया गया। इससे साफ है कि गर्मी का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में मौसम में यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन और हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण हो रहा है। यही कारण है कि मई जैसे गर्म महीने की शुरुआत आंधी और बारिश के साथ हो रही है, जो सामान्य ट्रेंड से थोड़ा अलग है।
आमतौर पर मई के महीने में प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ती है और तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच जाता है। लेकिन इस बार मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, मई में बारिश और आंधी का ट्रेंड भी रहा है, खासकर भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का मौसम किसानों के लिए मिलाजुला प्रभाव डाल सकता है। जहां एक ओर बारिश से फसलों को फायदा हो सकता है, वहीं तेज आंधी और ओले नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। इसलिए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहने की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि तेज आंधी और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।