सागर में श्री गहोई वैश्य समाज द्वारा आयोजित परिचय सम्मेलन सामाजिक एकता और वैवाहिक परंपराओं का एक भव्य उदाहरण बनकर सामने आया। इस कार्यक्रम में करीब 200 युवक-युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मंच से अपने जीवनसाथी के चयन के लिए खुलकर परिचय दिया। देशभर से आए सामाजिक बंधुओं की मौजूदगी ने आयोजन को और भी खास बना दिया।
मंच से दिया परिचय, बढ़ी सामाजिक सहभागिता
प्रचार-प्रसार समिति संयोजक शरद गुप्ता ने बताया कि सम्मेलन में युवक-युवतियों ने बिना किसी झिझक के मंच से अपना परिचय दिया और अपने विचार साझा किए। यह पहल न केवल आधुनिक सोच को दर्शाती है, बल्कि समाज में पारदर्शिता और संवाद को भी बढ़ावा देती है। परिचय देने वाले सभी प्रतिभागियों को समाज की ओर से सम्मानित भी किया गया।

42 साल बाद सामूहिक विवाह का आयोजन
समाज के अध्यक्ष सुरेन्द्र सुहाने ने बताया कि सामाजिक समरसता और एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से 42 वर्षों बाद सामूहिक विवाह महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 3 मई को आदर्श गार्डन में संपन्न होगा, जिसमें बड़ी संख्या में वर-वधू विवाह बंधन में बंधेंगे।
विवाह समारोह की भव्य तैयारियां
विवाह समिति अध्यक्ष मनोज डेंगरे ने जानकारी देते हुए बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शुरू होगा। इस अवसर पर दानदाताओं द्वारा वर-वधू को बड़ी संख्या में उपहार प्रदान किए जाएंगे। आयोजन को सफल बनाने के लिए समाज के सभी सदस्य सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
देशभर से जुटे सामाजिक बंधु
कार्यक्रम में करीब 2 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी रही, जो समाज की एकजुटता को दर्शाती है। स्वागत भाषण के दौरान निकेश गुप्ता ने राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल छिरोलया के जीवन और उनके संदेश को साझा किया, जिससे उपस्थित लोगों को प्रेरणा मिली।
सम्मान समारोह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
समारोह के दौरान समाज के उन सदस्यों को “श्री गहोई भामा शाह सम्मान” से सम्मानित किया गया, जिन्होंने 50 हजार रुपये या उससे अधिक का सहयोग दिया। यह सम्मान समाज के प्रति उनके योगदान को मान्यता देने का प्रतीक रहा।
इसके अलावा, समाज के बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने कार्यक्रम में मनोरंजन और उत्साह का माहौल बना दिया।

समाज के वरिष्ठ और पदाधिकारियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में समाज के संरक्षक, पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इनमें नर्मदा प्रसाद ददरया, ओमप्रकाश रूसिया, डॉ. राजेन्द्र चौदा, डॉ. संजीव कठल, वीरेन्द्र सुहाने, सचिन सिपोलिया सहित कई प्रमुख नाम शामिल रहे। महिला मंडल और नवयुवक मंडल के पदाधिकारियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
सफल मंच संचालन
कार्यक्रम का संचालन अनिल चौदा, आशीष नायक और श्रीमती पूजा रूसिया ने प्रभावी ढंग से किया, जिससे पूरे आयोजन में अनुशासन और ऊर्जा बनी रही।
गहोई वैश्य समाज का यह परिचय सम्मेलन न केवल वैवाहिक संबंधों को जोड़ने का मंच बना, बल्कि सामाजिक एकता, सहयोग और परंपराओं को भी मजबूत करने का माध्यम साबित हुआ। 42 साल बाद होने जा रहा सामूहिक विवाह महायज्ञ इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि है, जो आने वाले समय में समाज के लिए एक नई मिसाल कायम करेगा।