भोपाल में IAS अकादमी डायरेक्टर का अपहरण: 4 घंटे बंधक बनाकर पिस्टल के दम पर करीब 2 करोड़ वसूले, मास्टरमाइंड गिरफ्तार !

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भोपाल,
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक सनसनीखेज अपहरण और फिरौती का मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली की चर्चित शुभ्रा रंजन IAS स्टडी की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन का दिनदहाड़े अपहरण कर उन्हें 4 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया और पिस्टल की नोक पर करीब 1 करोड़ 89 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए गए।

फ्रेंचाइजी संचालक ही निकला मास्टरमाइंड

पुलिस जांच में सामने आया कि इस वारदात का मास्टरमाइंड कोई बाहरी नहीं, बल्कि उसी संस्थान की फ्रेंचाइजी चलाने वाला प्रियंक शर्मा है। आरोपी भोपाल के अयोध्या बाइपास क्षेत्र का रहने वाला है और भेल के एक रिटायर्ड अधिकारी का बेटा बताया जा रहा है। वह पहले यूपीएससी की तैयारी भी कर चुका है और कोचिंग से जुड़ा हुआ था।

होटल से बहाने से ले जाकर किया किडनैप

पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने भोपाल में एक नई ब्रांच खोलने और संभावित जगह दिखाने के बहाने उन्हें बुलाया था। वे दिल्ली से भोपाल आई थीं और शहर के एक होटल में ठहरी हुई थीं।
बुधवार दोपहर करीब 2-3 बजे आरोपी उन्हें अपने साथ ले गया और बागसेवनिया इलाके के एक फ्लैट में ले जाकर बंधक बना लिया।

पिस्टल सटाकर वसूली, 4 घंटे तक कैद

फ्लैट के अंदर आरोपियों ने महिला डायरेक्टर की कनपटी पर पिस्टल रखकर जान से मारने की धमकी दी। करीब 4 घंटे तक उन्हें बंधक बनाकर रखा गया और अलग-अलग बैंक खातों में लगभग 1.89 करोड़ रुपए ट्रांसफर कराए गए। पैसे मिलते ही देर रात उन्हें छोड़ दिया गया।

शोर दबाने के लिए सुंदरकांड का सहारा

पुलिस के अनुसार, जिस फ्लैट में वारदात को अंजाम दिया गया, वहां उसी दिन सुंदरकांड का पाठ कराया गया था। इसका मकसद यह था कि अगर पीड़िता शोर मचाए, तो आवाज बाहर तक न पहुंचे। यह योजना अपराधियों की सोची-समझी साजिश को दर्शाती है।

एम्स के ICU से दबोचा गया मास्टरमाइंड

वारदात के बाद आरोपी विदेश भागने की फिराक में था और इसके लिए एजेंट्स से संपर्क कर रहा था। पुलिस दबाव बढ़ने पर वह एम्स भोपाल के ICU में भर्ती हो गया, ताकि गिरफ्तारी से बच सके।
हालांकि क्राइम ब्रांच ने सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचकर उसे वहीं से गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान परिवार ने विरोध भी किया, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई जारी रखी।

6 आरोपी गिरफ्तार, 3 अभी फरार

पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें उसके करीबी सहयोगी भी शामिल हैं। वहीं, तीन आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस कमिश्नर संजय सिंह के अनुसार, आरोपियों ने दतिया और कालापीपल से लोगों को पैसे का लालच देकर बुलाया था।

खातों में रकम होल्ड, जांच जारी

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिन खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए थे, उन्हें होल्ड करा दिया है, ताकि रकम सुरक्षित रखी जा सके। मामले में सभी तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की जाएगी।

कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

यह घटना राजधानी में दिनदहाड़े हुई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक प्रतिष्ठित संस्थान की डायरेक्टर को इस तरह निशाना बनाना अपराधियों के बढ़ते हौसलों को दर्शाता है।

कुल मिलाकर, यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और हाई-प्रोफाइल फिरौती कांड है, जिसमें अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका सामने आना और भी चौंकाने वाला है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से भले ही मुख्य आरोपी पकड़ा गया हो, लेकिन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले का पूरा खुलासा अभी बाकी है।

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