मध्यप्रदेश सरकार युवाओं को सुरक्षा बलों में करियर बनाने के लिए एक बड़ा अवसर देने जा रही है। राज्य शासन द्वारा शुरू की जा रही ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आर्थिक रूप से कमजोर युवक-युवतियों को सेना, पुलिस, होमगार्ड और निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए तैयार किया जाएगा। इस योजना का ड्राफ्ट लगभग अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे लागू किया जा सकता है।
योजना के पहले चरण में प्रदेशभर में 40 प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए जाएंगे, जिनमें संभागीय मुख्यालयों के साथ प्रमुख जिलों को शामिल किया गया है। प्रत्येक केंद्र पर अधिकतम 100 अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाएगा, इस प्रकार कुल 4000 युवाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। खास बात यह है कि कुल सीटों में से कम से कम 35 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी, जिससे बेटियों को भी सुरक्षा बलों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
योजना के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों को पूरी तरह निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें रहने की व्यवस्था, भोजन की सुविधा, अध्ययन सामग्री और भर्ती परीक्षाओं की तैयारी जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए प्रति अभ्यर्थी रहने के लिए 2000 रुपए और भोजन के लिए 3300 रुपए प्रति माह का बजट निर्धारित किया गया है।

प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा, जिसमें पुरुष अभ्यर्थियों को 1000 रुपए प्रति माह और महिला अभ्यर्थियों को 1100 रुपए प्रति माह दिए जाएंगे। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को प्रशिक्षण के दौरान आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
यह प्रशिक्षण 45 दिनों का आवासीय कार्यक्रम होगा, जिसकी दिनचर्या सुबह 6 बजे से रात 8:30 बजे तक निर्धारित की गई है। इसमें शारीरिक और बौद्धिक दोनों प्रकार की तैयारी कराई जाएगी। प्रतिदिन लगभग 3 घंटे शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद, गोला फेंक और भाला फेंक जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। वहीं 4 घंटे सैद्धांतिक प्रशिक्षण के अंतर्गत सामान्य ज्ञान, गणित, रीजनिंग, कंप्यूटर और अंग्रेजी विषयों की कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
इस योजना के प्रशिक्षण में पुलिस विभाग, खेल विभाग और सैनिक कल्याण बोर्ड के अनुभवी विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएंगी, जिससे अभ्यर्थियों को वास्तविक भर्ती मानकों के अनुरूप तैयारी करने का अवसर मिलेगा।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है तथा वह OBC वर्ग के नॉन-क्रीमी लेयर से संबंधित होना चाहिए। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास रखी गई है। साथ ही पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 168 सेमी और महिला अभ्यर्थियों के लिए 155 सेमी निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी शारीरिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ होना चाहिए और उसमें फ्लैट फुट या नॉक-नी जैसी कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।
यदि आवेदन अधिक संख्या में प्राप्त होते हैं, तो चयन 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेरिट सूची बनाकर किया जाएगा। समान अंक होने की स्थिति में अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाएगी।
योजना का संचालन जिला स्तर पर कलेक्टर की निगरानी में किया जाएगा, जबकि भोपाल स्थित राज्य स्तरीय रोजगार एवं प्रशिक्षण केंद्र को इसकी नोडल एजेंसी बनाया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह योजना उन युवाओं के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकती है, जो आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग प्राप्त नहीं कर पाते। निःशुल्क प्रशिक्षण, रहने-खाने की सुविधा और स्टाइपेंड जैसी व्यवस्थाएं इसे ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर बनाती हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें और वे सेना व सुरक्षा बलों में शामिल होकर देश सेवा कर सकें। साथ ही यह पहल प्रदेश में बेरोजगारी कम करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कुल मिलाकर ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें सुरक्षा बलों में करियर के लिए तैयार करने की एक सशक्त पहल है। यदि इसका प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले समय में हजारों युवा इसका लाभ उठाकर अपने भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं।