इंदौर शहर में एक बार फिर धार्मिक स्थल को निशाना बनाते हुए चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। सुपर कॉरिडोर क्षेत्र स्थित ग्रेटर बाबा जैन मंदिर में सोमवार तड़के अज्ञात बदमाशों ने घुसकर भगवान की चांदी की मूर्तियां और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। चोरी गए सामान की कीमत 10 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। घटना के सामने आते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मंदिर परिसर में एकत्रित हो गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बदमाश रात करीब 2:18 बजे मंदिर परिसर में दाखिल हुए और करीब 42 मिनट तक अंदर रहकर वारदात को अंजाम देते रहे। इसके बाद करीब 3 बजे वे मौके से फरार हो गए। चोरों ने मंदिर में रखी 5 चांदी की मूर्तियां, एक मिश्रित धातु की मूर्ति, एक शिला, 2 शांति धारा और 28 कलश चोरी कर लिए। जिस तरीके से चोरी को अंजाम दिया गया, उससे साफ है कि बदमाश पूरी तैयारी और रेकी के बाद आए थे।

बताया जा रहा है कि मंदिर के शटर और दरवाजों को तोड़कर चोर अंदर घुसे। वहीं कुछ जानकारी यह भी सामने आई है कि एक आरोपी दीवार फांदकर अंदर गया और अंदर से अन्य साथियों की मदद से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिससे पुलिस को जांच में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
घटना की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मंदिर में मौजूद चौकीदार को इस वारदात की भनक तक नहीं लगी। मंदिर की देखरेख और चौकीदारी का काम करने वाले कर्मचारी राकेश त्रिवेदी ने बताया कि उन्होंने रोजाना की तरह रात 10:30 बजे मंदिर के पट बंद किए थे। सुबह करीब 5 बजे जब मंदिर खोला गया, तब चोरी का पता चला। वहीं एक श्रद्धालु महिला, अंजू, सबसे पहले सुबह दर्शन के लिए मंदिर पहुंची थीं, जिन्होंने अंदर का दृश्य देखकर लोगों को सूचना दी।

मंदिर से जुड़े श्रद्धालु अशोक जैन ने बताया कि चोरों ने बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी आसपास के कुछ जैन मंदिरों में इसी तरह की चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि यह किसी संगठित गिरोह का काम हो सकता है। सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहे आरोपियों का हुलिया भी पूर्व की घटनाओं से मेल खाता बताया जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही एरोड्रम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे परिसर की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास के रहवासियों से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह मंदिर करीब 10 हजार वर्गफीट क्षेत्र में वर्ष 1998 में बनाया गया था और इलाके का प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। ऐसे में यहां हुई चोरी की घटना ने न केवल श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुपर कॉरिडोर जैसे विकसित और व्यस्त इलाके में इस तरह की घटना होना चिंताजनक है।

घटना के बाद जैन समाज के लोगों में आक्रोश देखा गया। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। साथ ही, रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने की भी मांग उठाई गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। चोरी का तरीका, समय और पहले हुई घटनाओं से मिलते-जुलते पैटर्न को देखते हुए यह मामला गंभीर माना जा रहा है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई से ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस वारदात के पीछे कौन लोग शामिल हैं और उनका मकसद क्या था।