खुरई, सागर में भारतीय सेना के शौर्य और ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के सम्मान में एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा का नेतृत्व पूर्व गृहमंत्री और खुरई विधायक श्री भूपेंद्र सिंह ने किया। यात्रा के पश्चात आयोजित आमसभा में हजारों नागरिकों ने भारत माता की जय और भारतीय सेना के जयकारों के साथ देशभक्ति का उत्साह प्रदर्शित किया। इस आयोजन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह, और गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व की सराहना की गई, जिनके मार्गदर्शन में भारतीय सेना ने आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई की।

तिरंगा यात्रा का आयोजन
तिरंगा यात्रा महाकाली टीन शेड से प्रारंभ होकर मुख्य बाजार, झंडा चौक, और परसा चौराहा होते हुए तहसीली प्रांगण में शहीद स्मारक पर समाप्त हुई, जहां यह एक आमसभा में परिवर्तित हो गई। यात्रा में खुली जीप में भारत माता का प्रतीकात्मक चित्र और राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित किया गया, जिसके सारथी के रूप में श्री भूपेंद्र सिंह स्वयं उपस्थित थे। यात्रा में डीजे, ढपला रमतूला वादक वृंद, ढोल ताशा वादक दल, और पुष्प वर्षा उपकरणों ने देशभक्ति का माहौल बनाया। हजारों की संख्या में नगरवासियों ने तिरंगा थामकर भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए।

यात्रा में विभिन्न आयु वर्ग, समुदायों, और संगठनों के लोग शामिल हुए, जिनमें नेशनल कैडेट कोर (NCC), राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के कैडेट्स, स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएं, पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, और सामाजिक संगठन शामिल थे। विशेष रूप से, भारतीय सेना की जांबाज महिला अधिकारियों कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के पोस्टर प्रदर्शित किए गए, जिनके सम्मान में जिंदाबाद के नारे लगाए गए।

आमसभा और श्री भूपेंद्र सिंह का संबोधन
आमसभा में श्री भूपेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में भारतीय सेना के पराक्रम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साहसिक नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पहलगाम में आतंकियों द्वारा पर्यटकों की हत्या और बहनों के सिंदूर को उजाड़ने की घटना के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत मात्र कुछ घंटों में पाकिस्तान के 9 आतंकी अड्डों और 11 सैन्य एयरबेस ठिकानों को नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई में सैकड़ों आतंकवादी और 41 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जबकि भारतीय सेना को कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने इसे भारत की सैन्य शक्ति और अचूक रणनीति का प्रतीक बताया।

श्री सिंह ने कहा, “महाभारत में भगवान कृष्ण की तरह भारत और उसकी सेना ने विश्व को अपना विराट स्वरूप दिखाया है। आज सारा देश भारतीय सेना के चरणों में नतमस्तक है।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पहलगाम हमले के बाद कश्मीर ने एकजुट होकर पाकिस्तान के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया, जो भारत की एकता का प्रतीक है। उन्होंने पाकिस्तान को धोखेबाज और अविश्वसनीय बताते हुए कहा कि वह भविष्य में टुकड़ों में बंट सकता है।
अन्य वक्ताओं का संबोधन
- भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी: उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकियों को कड़ा संदेश दिया है कि भारत को छेड़ने की कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ता का प्रतीक बताया।
- तहसीलदार यशोवर्धन सिंह: उन्होंने सिविल डिफेंस की जानकारी दी और जनता से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर केवल प्रामाणिक जानकारी साझा करें, आपातकालीन नंबर रखें, और सेफ हाउसों की जानकारी संग्रहित करें।
- वरिष्ठ भाजपा नेता हेमचंद्र बजाज और संतोष रोहित: दोनों ने भारतीय सेना, सैन्य नेतृत्व, और राजनीतिक नेतृत्व की सराहना करते हुए ऑपरेशन सिंदूर को राष्ट्र सम्मान का प्रतीक बताया।

ऑपरेशन सिंदूर का महत्व
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की रणनीतिक सूझबूझ, आधुनिक तकनीक, और अदम्य साहस का उदाहरण है। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने बिना किसी नागरिक नुकसान के आतंकी ठिकानों और पाकिस्तानी सैन्य अड्डों को नष्ट किया। यह कार्रवाई न केवल आतंकवाद के खिलाफ जवाबी हमला थी, बल्कि भारत की संप्रभुता और आत्मरक्षा के प्रति दृढ़ संकल्प का प्रतीक थी। श्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि इस ऑपरेशन ने विश्व में भारत की सैन्य शक्ति का लोहा मनवाया और पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग कर दिया।

आयोजन का प्रभाव
तिरंगा यात्रा और आमसभा ने खुरई में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को प्रज्वलित किया। हजारों लोगों ने एकजुट होकर भारतीय सेना के शौर्य और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की। यात्रा के दौरान पुष्प वर्षा और गगनभेदी नारों ने पूरे शहर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। शहीद स्मारक पर दीप प्रज्वलन और शहीदों को श्रद्धांजलि ने आयोजन को और भी भावनात्मक बना दिया।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
आयोजन में खुरई विधानसभा के छह भाजपा मंडलों के अध्यक्षों—राहुल चौधरी, रविंद्र सिंह राजपूत, राजपाल सिंह, अनिल पाराशर, नीतेश यादव, अरविंद सिंह लोधी—के साथ-साथ निम्नलिखित लोग शामिल थे:
- प्रशासनिक अधिकारी: एसडीएम मनोज चौरसिया, एसडीओपी परते, सीएमओ राजेश मेहतेल, सीईओ श्रीमती मीना कश्यप।
- भाजपा नेता: हेमचंद्र बजाज, रामनिवास माहेश्वरी, विजय जैन वट्टी, राजेंद्र सिंह दरी, खुरई नपा अध्यक्ष श्रीमती नन्हींबाई अहिरवार, जनपद अध्यक्ष जमना प्रसाद अहिरवार, संतोष रोहित, चंद्रप्रताप सिंह, देशराज सिंह यादव, नीतिराज पटेल, राजेंद्र यादव कल्लू, श्रीमती मोना सिंघई, बलराम यादव, प्रवीण जैन गढ़ौला, अजय तिवारी देवलचौरी, श्रीमती रश्मि सोनी, अर्चना जैन, निशा नागवानी, रामशास्त्री, रामकुमार बघेल, आशीष पटैरिया, शैलेंद्र नेक्या, विजय अहिरवार, निर्मल राज, प्रतिभा पुरोहित, इंद्रकुमार राय, अजीत सिंह अजमानी, इंद्राज सिंह, गोविंद सिंह खिरिया, हरिशंकर कुशवाहा, राजेश मिश्रा, गणेश पटेल, पुष्पेंद्र सिंह तोमर, सिरनाम सिंह, राघवेंद्र यादव, राजू चंदेल, कोमल यादव, उमेश राय, बौटी राजपूत पिठौरिया, विश्वनाथ सिंह लौधी बांदरी, श्रीमती मीना कुशवाहा बरोदिया, पप्पू मुकद्दम, नारायण सिंह लोधी, कुलदीप राय, सनी रोकड़िया, राहुल माहेश्वरी, सौरभ नेमा।
- अन्य: सभी पार्षद, पार्टी कार्यकर्ता, आम नागरिक, और पत्रकार।

खुरई में आयोजित तिरंगा यात्रा और आमसभा ने भारतीय सेना के पराक्रम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साहसिक नेतृत्व को सम्मानित करने का एक शानदार मंच प्रदान किया। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने न केवल भारत की सैन्य शक्ति को विश्व पटल पर स्थापित किया, बल्कि देशवासियों में गर्व और एकता की भावना को भी प्रज्वलित किया। यह आयोजन खुरई के नागरिकों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसमें उन्होंने राष्ट्रप्रेम और सेना के प्रति अपनी निष्ठा को जोरदार ढंग से व्यक्त किया।