सागर जिले की बीना, खुरई, और जैसीनगर विधानसभाओं में 22 मई 2025 को आगामी पंचायत चुनावों के लिए मॉक पोल का आयोजन किया गया। यह आयोजन राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल के निर्देशानुसार कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संदीप जी आर और अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रूपेश उपाध्याय के मार्गदर्शन में किया गया। मॉक पोल का उद्देश्य पेपरलेस चुनाव प्रक्रिया को लागू करने की तकनीकी और व्यावहारिक तैयारियों का परीक्षण करना था। ग्राम पंचायतों मुहांसा (खुरई), किर्रावदा, हड़कलखाती, गढ़ा (बीना), और अगरा (जैसीनगर) में आयोजित इस मॉक पोल में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और लगभग 350 मतदाताओं ने वोट डाले।

मॉक पोल का आयोजन
मॉक पोल का आयोजन निम्नलिखित ग्राम पंचायतों में किया गया:
- खुरई जनपद: ग्राम पंचायत मुहांसा
- बीना जनपद: ग्राम पंचायत किर्रावदा, हड़कलखाती, और गढ़ा
- जैसीनगर जनपद: ग्राम पंचायत अगरा
राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल के उपसचिव सुश्री संजू कुमारी और श्री सुतेश शाक्य ने गढ़ा, किर्रावदा, और हड़कलखाती के पोलिंग बूथों का दौरा कर चुनाव प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम (IPBMS) के उपयोग, मतदाता खोज, डिजिटल साइन, और थंब डिवाइस की कार्यप्रणाली को समझा।
ग्राम पंचायत अगरा में मॉक पोल
जैसीनगर की ग्राम पंचायत अगरा में भोपाल की आईटी टीम और मास्टर ट्रेनर्स ने पोलिंग बूथ की पूर्व तैयारी सुनिश्चित की। एसडीएम जैसीनगर रोहित वर्मा, तहसीलदार निर्मल सिंह राठौर, और नोडल अधिकारी अमर जैन ने ग्रामीणों को पेपरलेस चुनाव की प्रक्रिया समझाई। शाम 3 बजे तक इस बूथ पर लगभग 350 ग्रामीणों ने मतदान किया, जो इस प्रक्रिया के प्रति उनके उत्साह को दर्शाता है।

पेपरलेस चुनाव और IPBMS
पेपरलेस चुनाव प्रक्रिया को लागू करने के लिए इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम (IPBMS) का उपयोग किया गया। राज्य निर्वाचन आयोग के प्रोग्रामर भूपेंद्र कुमार आमोद ने अधिकारियों को IPBMS की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। इस सिस्टम में निम्नलिखित विशेषताएं शामिल हैं:
- मतदाता खोज: मतदाता सूची में डिजिटल सर्च की सुविधा।
- डिजिटल साइन और थंब डिवाइस: मतदाता सत्यापन के लिए बायोमेट्रिक और डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग।
- रीयल-टाइम डेटा ट्रांसमिशन: पोलिंग बूथ से जानकारी को तत्काल अपडेट करने की सुविधा।
- मोबाइल एप: पोलिंग टीम के बूथ पर पहुंचने, सामग्री प्राप्त करने, और रीयल-टाइम अपडेट भेजने के लिए मोबाइल एप का उपयोग।
इस सिस्टम ने मतदान प्रक्रिया को सुचारू, त्रुटिरहित, और पर्यावरण-अनुकूल बनाया।

तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग
मॉक पोल की सफलता में भोपाल की आईटी टीम और मास्टर ट्रेनर्स आनंद मंगल बोहरे, मनीष माहौर, और मुकेश पटेल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया और बूथों पर सुचारू संचालन सुनिश्चित किया। ईवीएम प्रभारी परमानंद सेन ने पोलिंग बूथों पर सामग्री वितरण की नई व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू किया, जिससे संसाधनों की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित हुई।
जिले की मॉनिटरिंग टीम ने सभी बूथों पर मतदान कार्यों, रिपोर्टिंग, और अधिकारियों के बीच समन्वय को प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
मॉक पोल के दौरान ग्रामीणों से पेपरलेस चुनाव के संबंध में चर्चा की गई। ग्रामीणों ने इस नई प्रणाली के प्रति सकारात्मक रवैया दिखाया और इसे समय की बचत करने वाला और उपयोग में आसान बताया। कई ग्रामीणों ने डिजिटल सिस्टम की पारदर्शिता और त्रुटिरहित प्रक्रिया की सराहना की। ग्राम पंचायत अगरा में मतदाताओं की भारी संख्या में भागीदारी ने इस प्रक्रिया के प्रति उनके उत्साह को स्पष्ट किया।

मॉक पोल के बाद समीक्षा
मॉक पोल के समापन के बाद बीना के रेस्ट हाउस में उपसचिव सुश्री संजू कुमारी ने मास्टर ट्रेनर्स, पीठासीन अधिकारियों, और चुनाव दल के साथ बैठक की। इस बैठक में मॉक पोल की प्रक्रिया, चुनौतियों, और सफलताओं पर फीडबैक लिया गया। सुश्री कुमारी ने सभी को इस प्रक्रिया के सफल क्रियान्वयन के लिए धन्यवाद दिया और इसे आगामी पंचायत चुनावों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
अपर कलेक्टर का बयान
अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रूपेश उपाध्याय ने कहा, “इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम निश्चित रूप से स्थानीय चुनाव प्रक्रिया में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। यह न केवल कागज की बचत करेगा बल्कि मतदान को अधिक सुगम और त्रुटिरहित भी बनाएगा।” उन्होंने इस प्रणाली को पर्यावरण-अनुकूल और तकनीकी रूप से उन्नत बताया, जो मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाएगा।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता अर्पित सेन
7806077338, 9109619237