सागर। शहर के मकरोनिया क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में गर्भवती महिला की मौत के बाद सोमवार रात जमकर हंगामा हो गया। मृतका के परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति बिगड़ते देख मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया और जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रहली निवासी 25 वर्षीय विद्या राय करीब डेढ़ से दो माह की गर्भवती थी। बताया जा रहा है कि वह पहले से तीन बच्चों की मां थी और चौथे गर्भ को जारी नहीं रखना चाहती थी। इसी कारण उसने दवा का सेवन किया, जिसके बाद उसे पेट में दर्द की शिकायत होने लगी। प्रारंभिक उपचार के लिए उसने स्थानीय स्तर पर डॉक्टरों से परामर्श लिया, लेकिन आराम न मिलने पर सोमवार को परिजन उसे बाइक से सागर लेकर पहुंचे।

सागर पहुंचने पर महिला की सोनोग्राफी कराई गई, जिसमें गर्भ समापन (सफाई) की सलाह दी गई। इसके बाद परिजन उसे मकरोनिया स्थित सेवा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार शुरू किया गया। इलाज के दौरान अचानक महिला की हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर होते देख उसे दूसरे अस्पताल रेफर करने के लिए एंबुलेंस बुलवाई, लेकिन इससे पहले ही महिला की मौत हो गई।
महिला की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन अस्पताल पहुंच गए और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना था कि विद्या पूरी तरह सामान्य स्थिति में अस्पताल पहुंची थी, लेकिन इलाज के बाद उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई और उसकी जान चली गई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को शांत कराया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया गया है। अस्पताल की डॉक्टर निधि मिश्रा ने कहा कि मरीज का उपचार पूरी सावधानी के साथ किया गया था, लेकिन उसकी हालत पहले से ही जटिल थी। उन्होंने दावा किया कि मरीज को गुटखा सेवन की आदत थी, जिससे उसकी स्थिति प्रभावित हुई। डॉक्टर के अनुसार, टीम ने उसे बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

इस घटना के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निजी अस्पतालों में उपचार व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत का वास्तविक कारण क्या था।
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि गंभीर मरीजों के उपचार में पारदर्शिता और जवाबदेही कितनी जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।