भोपाल के खजूरी सड़क क्षेत्र में दर्दनाक कार हादसा: तीन की मौत, एक घायल !

Spread the love

भोपाल के खजूरी सड़क थाना क्षेत्र में इंदौर-भोपाल हाईवे पर चिरायु अस्पताल के पास गुरुवार-शुक्रवार (22-23 मई 2025) की दरमियानी रात एक तेज रफ्तार कार हादसे का शिकार हो गई। MP04 EA 6004 नंबर की पोलर व्हाइट हुंडई वेन्यू कार पेड़ से टकराने से पहले सड़क किनारे एक गुमटी से जा टकराई, जिसके परिणामस्वरूप कार दो टुकड़ों में बंट गई। इस भीषण हादसे में तीन युवकों—प्रीत आहूजा, विशाल डाबी, और पंकज सिसोदिया—की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक, राहुल कंडारे, गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार ड्राइविंग के खतरों पर भी गंभीर सवाल उठाती है।

हादसे का विवरण

हादसा चिरायु अस्पताल के निकट इंदौर-भोपाल हाईवे पर रात के समय हुआ। पुलिस के अनुमान के अनुसार, हादसे के समय कार की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी। इतनी तेज गति के कारण कार के एयरबैग भी पूरी तरह से काम नहीं कर सके, जो सामान्यतः 100-120 किमी/घंटा की गति पर सक्रिय नहीं होते। इस हादसे में कार के एयरबैग फट गए, जो इसकी तीव्रता को दर्शाता है।

कार ने पहले सड़क किनारे एक गुमटी को टक्कर मारी और फिर पेड़ से जा टकराई, जिसके परिणामस्वरूप कार का चेसिस टूट गया और यह दो हिस्सों में विभाजित हो गई। डैशबोर्ड और गेट के नीचे फंसे प्रीत और विशाल की बॉडी को निकालने में एक घंटे से अधिक समय लगा, जिसमें गेट और डैशबोर्ड को काटना पड़ा। इस प्रक्रिया में देरी के लिए प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस और एम्बुलेंस सेवाओं पर एक घंटे देर से पहुंचने का आरोप लगाया।

कार और चालक

  • वाहन: हुंडई वेन्यू (पोलर व्हाइट), रजिस्ट्रेशन नंबर MP04 EA 6004
  • मालिक: कमलेश आहूजा (प्रीत आहूजा का बड़ा भाई)
  • चालक: प्रीत आहूजा

प्रीत ने अपने बड़े भाई कमलेश की कार बिना बताए ली थी और अपने दोस्तों के साथ सीहोर के दरबार होटल में खाना खाने गया था। वापसी के दौरान यह हादसा हुआ। कार में प्रीत ड्राइवर की सीट पर था, विशाल उसके बगल में, जबकि राहुल और पंकज पीछे की सीट पर बैठे थे।

मृतकों और घायल का विवरण

हादसे में मारे गए तीनों युवक स्कूल के समय से दोस्त थे। उनकी पृष्ठभूमि निम्नलिखित है:

  • प्रीत आहूजा: कपड़े की दुकान चलाता था और 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। वह अपने बड़े भाई की कार लेकर निकला था।
  • विशाल डाबी: प्रीत की दुकान पर काम करता था और उसने भी 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी।
  • पंकज सिसोदिया: 8वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ चुका था। वह अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। उसकी मां की बीमारी के कारण मृत्यु हो चुकी थी, और नेत्रहीन पिता की देखभाल की जिम्मेदारी उसी पर थी। उसकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है।
  • राहुल कंडारे: हादसे में गंभीर रूप से घायल। उसे चिरायु अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

पंकज की मृत्यु ने उसके नेत्रहीन पिता को पूरी तरह बेसहारा छोड़ दिया, जिससे इस हादसे का सामाजिक प्रभाव और भी गहरा हो गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस और एम्बुलेंस की देरी पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि हादसे की सूचना देने के बावजूद पुलिस और एम्बुलेंस करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचीं। इस देरी के कारण घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी, जिसने स्थिति को और गंभीर कर दिया। स्थानीय लोगों ने इस घटना को सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की कमी का उदाहरण बताया।

पुलिस की प्रारंभिक जांच

खजूरी सड़क पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में निम्नलिखित तथ्य सामने आए हैं:

  • कार की गति 120 किमी/घंटा से अधिक थी, जो सड़क पर अनुमति प्राप्त गति सीमा से कहीं अधिक है।
  • हादसे से पहले कार ने सड़क किनारे एक गुमटी को टक्कर मारी, जिसके बाद वह अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई।
  • कार का चेसिस टूटने और दो हिस्सों में बंटने से हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
  • पुलिस ने हादसे के कारणों की गहन जांच शुरू की है, जिसमें तेज रफ्तार, ड्राइवर की लापरवाही, और सड़क की स्थिति जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।

सामाजिक और पारिवारिक प्रभाव

इस हादसे ने तीन परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है। विशेष रूप से पंकज सिसोदिया की मृत्यु ने उसके नेत्रहीन पिता को पूरी तरह असहाय छोड़ दिया। पंकज अपने परिवार का एकमात्र सहारा था, और उसकी मृत्यु ने परिवार की आर्थिक और भावनात्मक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया। प्रीत और विशाल की मृत्यु ने भी उनके परिवारों और स्थानीय समुदाय में शोक की लहर दौड़ा दी। तीनों युवकों के स्कूल फ्रेंड होने के कारण यह हादसा उनके दोस्तों और परिचितों के लिए भी एक बड़ा झटका है।

सड़क सुरक्षा पर सवाल

यह हादसा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर गंभीर सवाल उठाता है। निम्नलिखित बिंदु इस हादसे से उभरे हैं:

  • तेज रफ्तार: हाईवे पर तेज रफ्तार ड्राइविंग इस हादसे का प्रमुख कारण रही। यह सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन दर्शाता है।
  • आपातकालीन सेवाओं की देरी: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस और एम्बुलेंस की देरी ने स्थिति को और गंभीर किया। यह आपातकालीन सेवाओं की कार्यक्षमता पर सवाल उठाता है।
  • सड़क की स्थिति: हालांकि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन सड़क की स्थिति और गुमटी की उपस्थिति ने हादसे को और जटिल बनाया।
  • जागरूकता की कमी: युवा चालकों में सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता की कमी इस तरह के हादसों का कारण बन रही है।

भोपाल के खजूरी सड़क थाना क्षेत्र में हुआ यह हादसा एक दुखद त्रासदी है, जिसने तीन युवाओं की जान ले ली और एक परिवार को पूरी तरह बेसहारा कर दिया। तेज रफ्तार, आपातकालीन सेवाओं की देरी, और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी इस हादसे के प्रमुख कारण रहे। यह घटना समाज और प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और आपातकालीन सेवाओं को और त्वरित किया जाए।

ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !

संवाददाता अर्पित सेन

7806077338, 9109619237 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *