सागर। युवाओं को खेलों से जोड़कर उनकी प्रतिभा को निखारने और उन्हें सही दिशा देने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय सागर में 30 दिवसीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ खेल परिसर में सायं 6 बजे किया गया। इस शिविर में जिला स्तर पर 15 विभिन्न खेलों—बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स, मलखम्ब, हॉकी, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, खो-खो, बैडमिंटन, ताइक्वांडो, कूडो, कुश्ती, फुटबॉल और योगा—का प्रशिक्षण दिया जाएगा, वहीं विकासखंड स्तर पर दो खेलों में प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के पूजन, पुष्प अर्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी श्री प्रदीप अविद्रा ने उपस्थित अतिथियों एवं खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए विभाग की महत्वाकांक्षी योजना “आरोह-2026” के अंतर्गत आयोजित इस शिविर की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य 8 से 19 वर्ष तक के खिलाड़ियों को एक मंच प्रदान करना, उन्हें खेलों से जोड़ना और उनकी प्रतिभा को निखारकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के खिलाड़ियों के बीच अवसरों की समानता स्थापित करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।

कार्यक्रम के दौरान मलखम्ब प्रशिक्षण केंद्र के खिलाड़ियों ने प्रशिक्षक श्री श्यामलाल पाल के मार्गदर्शन में अद्भुत और रोमांचक प्रदर्शन प्रस्तुत किया। छोटे-छोटे खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए संतुलन, अनुशासन और साहस ने सभी उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया और दर्शकों ने जोरदार तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।
अपने उद्बोधन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव उईके ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास के लिए आवश्यक हैं, बल्कि यह मानसिक मजबूती और अनुशासन भी सिखाते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेलों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं, क्योंकि इसमें उज्ज्वल भविष्य की अपार संभावनाएं हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिक निगम सागर के आयुक्त श्री राजकुमार खत्री ने कहा कि जो व्यक्ति खेल के मैदान में आता है, वह वास्तव में जीवन के स्वर्ग का आनंद लेता है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में बच्चे अधिकतर समय मोबाइल और अन्य इंडोर गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं, जिससे उनका शारीरिक और सामाजिक विकास प्रभावित होता है। ऐसे में खेल के मैदान बच्चों को अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण गुण सिखाते हैं। उन्होंने मलखम्ब के प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया और सभी प्रतिभागियों को शिविर का पूरा लाभ उठाने की सलाह दी।

उन्होंने स्वच्छता के महत्व पर भी जोर देते हुए कहा कि वर्तमान में स्वच्छता सर्वेक्षण चल रहा है, इसलिए सभी नागरिकों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए। स्वच्छ वातावरण स्वस्थ जीवन का आधार होता है।
कार्यक्रम में सभी 15 खेलों के प्रशिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से खेल सामग्री वितरित की गई, जिससे प्रशिक्षण कार्य और अधिक प्रभावी रूप से संचालित किया जा सके। अंत में जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी श्री प्रदीप अविद्रा द्वारा सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर श्री नर बहादुर सिंह, प्रेमनेती राय, सीमा चक्रवर्ती, मंगल सिंह यादव, संगीता सिंह, श्यामलाल पाल, उमेश चंद्र मौर्य, नफीस खान, राम सिंह, शैलेन्द्र यादव, वंदना तिवारी, मेघा भोजक, विशाल तोमर, जयंत संसिया, महेंद्र सिंह राजपूत सहित अनेक गणमान्य नागरिक, अभिभावक और खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन एथलेटिक्स प्रशिक्षक मंगल सिंह यादव द्वारा किया गया।
यह ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर निश्चित रूप से जिले के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर साबित होगा, जहां वे न केवल खेलों की बारीकियां सीखेंगे, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना जैसे गुणों का भी विकास करेंगे।