सागर/अजयगढ़। सागर संभाग के आयुक्त श्री अनिल सुचारी ने सोमवार को अजयगढ़ अनुविभाग अंतर्गत निर्माणाधीन जल संसाधन विभाग की रूंज एवं मझगांव मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना से प्रभावित ग्रामीण परिवारों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनीं और शासन के निर्देशानुसार सभी हितों की रक्षा करने का भरोसा दिलाया।

संभागायुक्त श्री सुचारी ने रूंज परियोजना क्षेत्र के ग्राम विश्रामगंज तथा मझगांव परियोजना क्षेत्र के ग्राम बालूपुर में पेड़ के नीचे जनचौपाल आयोजित कर ग्रामीणों से विस्तार से चर्चा की। इस दौरान ग्रामीणों ने विस्थापन, मुआवजा, सर्वेक्षण और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे सामने रखे। संभागायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं पारदर्शी निराकरण के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ऊषा परमार, जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी, एसडीएम आलोक मार्को एवं संजय कुमार नागवंशी तथा तहसीलदार सुरेन्द्र अहिरवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने संभागायुक्त को परियोजना की वर्तमान स्थिति, प्रगति और शेष कार्यों की जानकारी दी।

संभागायुक्त श्री अनिल सुचारी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार दोनों मध्यम सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों की समस्याओं के निराकरण हेतु शासन स्तर पर एक विशेष समिति का गठन किया गया है। यह समिति विस्थापन, भू-अर्जन, परिसंपत्तियों के मूल्यांकन और पुनर्वास से जुड़े सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से अजयगढ़ ब्लॉक के अनेक गांवों में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आय में सुधार आएगा। इसके अलावा पेयजल एवं औद्योगिक उपयोग के लिए भी पर्याप्त जल उपलब्ध होगा, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने इन परियोजनाओं को क्षेत्र के लिए “वरदान” बताते हुए कहा कि इससे बड़ी संख्या में किसान परिवार लाभान्वित होंगे।
संभागायुक्त ने यह भी जानकारी दी कि वर्षाकाल से पहले दोनों परियोजनाओं का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और इसे समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों से संवाद के दौरान उन्होंने आश्वस्त किया कि नियमों के अनुसार प्रत्येक पात्र परिवार को उसका उचित हक मिलेगा। विस्थापितों के पुनर्वास स्थल पर सभी मूलभूत सुविधाएं—जैसे सड़क, बिजली, पानी, आवास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं—सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो और उन्हें सम्मानजनक पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए।
जनचौपाल में ग्रामीणों ने उचित सर्वेक्षण, मुआवजा राशि के समय पर वितरण, पुनर्वास स्थल पर सुविधाओं के विकास और अन्य मांगों को लेकर अपनी बात रखी। इस पर प्रशासनिक टीम ने आश्वस्त किया कि सभी जायज मांगों पर पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिला प्रशासन पूर्ण सहयोग करेगा।

संभागायुक्त ने मौके पर अधिकारियों से अब तक वितरित मुआवजा राशि, शेष प्रकरणों की स्थिति और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रक्रियाएं तय समयसीमा में पूर्ण की जाएं और प्रभावित परिवारों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
यह निरीक्षण न केवल परियोजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन था, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम भी साबित हुआ। इससे स्पष्ट होता है कि शासन और प्रशासन विकास कार्यों के साथ-साथ प्रभावितों के हितों की सुरक्षा के लिए भी समान रूप से प्रतिबद्ध है।