ग्रामीण विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें और जमीनी स्तर पर परिणाम दिखाई दें।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने विशेष रूप से “लखपति दीदी” अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि अब इस योजना को अगले चरण में ले जाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल महिलाओं की आय बढ़ाने तक सीमित न रहकर उन्हें रोजगार देने वाली उद्यमी महिलाओं के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं, उन्हें अब स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योग, उत्पादन इकाइयां और सेवा आधारित गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि वे अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा सकें।

कलेक्टर ने कहा कि “लखपति दीदी” अभियान का वास्तविक उद्देश्य महिलाओं को केवल आत्मनिर्भर बनाना नहीं बल्कि उन्हें समाज और अर्थव्यवस्था में नेतृत्व की भूमिका तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे सफल महिला समूहों की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण, विपणन सहायता और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही महिलाओं को स्थानीय उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण और विपणन से जोड़ने के प्रयास भी तेज किए जाएं।
बैठक में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के विषय को भी प्राथमिकता के साथ लिया गया। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने “जल गंगा संवर्धन” अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि 20 मई तक इस अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जल संकट से निपटने के लिए वर्षा जल संरक्षण और प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के प्रत्येक विकासखंड में कंटूर ट्रेंच निर्माण के लिए उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन तत्काल किया जाए और समयबद्ध तरीके से कार्य प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने कहा कि कंटूर ट्रेंच निर्माण से वर्षा जल का संरक्षण होगा, भूजल स्तर में सुधार आएगा और मिट्टी के कटाव को रोकने में भी मदद मिलेगी। इसके साथ ही यह कार्य पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन, जल संरचनाओं के रखरखाव और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि आने वाले समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा और इसके लिए जनभागीदारी आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाएं।
समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। कलेक्टर ने योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल कागजी उपलब्धियां नहीं बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है।

बैठक में महिला स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने, ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न रणनीतियों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे गांव स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करें और योजनाओं की प्रगति की रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत करें।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “लखपति दीदी” अभियान के माध्यम से जिले की महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बनेंगी बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार करेंगी। वहीं जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में भी जिले में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।