सागर शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के उद्देश्य से मोतीनगर चौराहे से तीनबत्ती तिराहे तक के मार्ग को वन-वे घोषित किया गया है। इस मार्ग पर तीन और चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है, जिसके तहत ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा को भी बड़ा बाजार मार्ग पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस निर्णय के विरोध में ऑटो चालकों ने शुक्रवार, 23 मई 2025 को रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ऑटो यूनियन ने इस प्रतिबंध को मरीजों, बुजुर्गों, और अन्य जरूरतमंद लोगों के लिए असुविधाजनक बताते हुए ऑटो रिक्शा को वन-वे मार्ग पर प्रवेश की अनुमति देने की मांग की है। ऑटो यूनियन के अध्यक्ष पप्पू तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो ऑटो चालक हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। यह घटना सागर में यातायात नीतियों और स्थानीय आजीविका के बीच संतुलन की चुनौती को रेखांकित करती है।

वन-वे मार्ग और प्रतिबंध का विवरण
सागर शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में से एक, मोतीनगर चौराहे से तीनबत्ती तिराहे तक के मार्ग को यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए वन-वे घोषित किया गया है। इस निर्णय के तहत:
- प्रतिबंध: तीन और चार पहिया वाहनों, जिसमें ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा शामिल हैं, को बड़ा बाजार मार्ग पर प्रवेश की अनुमति नहीं है।
- उद्देश्य: इस कदम का मकसद यातायात जाम को कम करना और सड़क सुरक्षा को बढ़ाना है, विशेष रूप से बड़ा बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में।
- प्रभावित क्षेत्र: बड़ा बाजार, जो सागर का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, और तीनबत्ती तिराहा, जो शहर के महत्वपूर्ण यातायात बिंदुओं में से एक है, इस प्रतिबंध से प्रभावित हो रहे हैं।
हालांकि, इस निर्णय ने स्थानीय ऑटो चालकों और यात्रियों, विशेष रूप से मरीजों और बुजुर्गों, के बीच असंतोष पैदा किया है, क्योंकि यह मार्ग उनके लिए सुगम और सुलभ परिवहन का प्रमुख साधन था।
ऑटो चालकों का विरोध प्रदर्शन
शुक्रवार, 23 मई 2025 को सागर के ऑटो चालकों ने वन-वे प्रतिबंध के खिलाफ एक रैली निकाली और कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- रैली: ऑटो चालकों ने संगठित रूप से रैली निकालकर अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाया। यह रैली शहर के विभिन्न हिस्सों से शुरू होकर कलेक्टर कार्यालय तक पहुंची।
- ज्ञापन: ऑटो यूनियन ने ज्ञापन में कहा कि वन-वे प्रतिबंध के कारण बड़ा बाजार मार्ग पर ऑटो रिक्शा को प्रवेश नहीं मिल रहा, जिससे मरीजों, बुजुर्गों, और अन्य जरूरतमंद लोगों को भारी असुविधा हो रही है। कई लोगों को पैदल चलकर तीनबत्ती तिराहे तक जाना पड़ रहा है।
- आर्थिक प्रभाव: ऑटो चालकों ने बताया कि यह प्रतिबंध उनकी रोजी-रोटी को प्रभावित कर रहा है, क्योंकि बड़ा बाजार और तीनबत्ती तिराहा उनके लिए प्रमुख आय का स्रोत हैं।

ऑटो यूनियन की मांग
ऑटो यूनियन के अध्यक्ष पप्पू तिवारी ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग वन-वे मार्ग पर ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा को प्रवेश की अनुमति देना है। उन्होंने कहा:
“वन-वे में ऑटो और ई-रिक्शा को प्रवेश नहीं मिलने से मरीज और बुजुर्ग लोग परेशान हो रहे हैं। ऑटो चालकों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है। हमने प्रशासन से मांग की है कि ऑटो रिक्शा को इस मार्ग पर चलने की अनुमति दी जाए।”
हड़ताल की चेतावनी
पप्पू तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देता, तो ऑटो चालक हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। उन्होंने बताया कि शनिवार, 24 मई 2025 को वे सागर विधायक शैलेंद्र जैन से मुलाकात करेंगे और अपनी मांगों को उनके सामने रखेंगे। यदि इसके बाद भी कोई समाधान नहीं निकला, तो ऑटो चालक काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर सकते हैं।

सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
इस वन-वे प्रतिबंध और ऑटो चालकों के विरोध के कई सामाजिक और आर्थिक प्रभाव सामने आए हैं:
- यात्रियों की असुविधा: बड़ा बाजार और तीनबत्ती तिराहा सागर के प्रमुख व्यावसायिक और यातायात केंद्र हैं। ऑटो रिक्शा पर प्रतिबंध के कारण मरीजों, बुजुर्गों, और अन्य जरूरतमंद लोगों को पैदल चलना पड़ रहा है, जो उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए चुनौतीपूर्ण है। विशेष रूप से, बड़ा बाजार में अस्पतालों और क्लीनिकों तक पहुंचने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- ऑटो चालकों की आजीविका: सागर में ऑटो रिक्शा चालक मुख्य रूप से निम्न और मध्यम आय वर्ग से आते हैं। बड़ा बाजार जैसे व्यस्त क्षेत्र में प्रवेश पर प्रतिबंध उनकी आय को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। कई चालकों ने बताया कि उनकी दैनिक कमाई में 50% तक की कमी आई है।
- यातायात व्यवस्था पर प्रभाव: प्रशासन का दावा है कि वन-वे नियम से यातायात जाम कम होगा, लेकिन ऑटो चालकों का कहना है कि यह नियम वैकल्पिक परिवहन साधनों की कमी के कारण यात्रियों और चालकों दोनों के लिए असुविधाजनक है।

प्रशासन और यातायात नीति का संदर्भ
सागर में मोतीनगर से तीनबत्ती तिराहे तक वन-वे मार्ग का निर्णय यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में लिया गया है। सागर, जो मध्य प्रदेश का एक महत्वपूर्ण शहर है, में बड़ा बाजार और तीनबत्ती तिराहा जैसे क्षेत्र अक्सर यातायात जाम का शिकार होते हैं। प्रशासन का तर्क है कि तीन और चार पहिया वाहनों पर प्रतिबंध से सड़क पर भीड़ कम होगी और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षा बढ़ेगी। हालांकि, ऑटो रिक्शा को इस प्रतिबंध में शामिल करने से स्थानीय समुदाय और चालकों में असंतोष पैदा हुआ है।
समान परिस्थितियां अन्य शहरों में भी देखी गई हैं। उदाहरण के लिए, 2011 में मुंबई में ऑटो रिक्शा यूनियनों ने दक्षिण मुंबई में ऑटो संचालन की अनुमति के लिए प्रदर्शन किया था, लेकिन नागरिकों और ट्रैफिक पुलिस ने इसका विरोध किया, क्योंकि इससे यातायात जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता था। सागर में भी प्रशासन को यातायात सुधार और स्थानीय आजीविका के बीच संतुलन बनाना होगा।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता अर्पित सेन
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