सागर (मध्य प्रदेश)। रहली थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात को पुलिस और आरोपियों के बीच धक्का-मुक्की व हंगामा हुआ। आरोपियों ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन पर 50 हजार रुपए की मांग करने का भी आरोप लगाया। इस दौरान आरोपियों ने खुद पर तेल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस और मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें रोक दिया।

घटना की पृष्ठभूमि
यह घटना वार्ड 13 के पंकज नामदेव और वार्ड 10 के सतीश श्रीवास्तव के बीच गुरुवार रात हुए विवाद के बाद की है। पंकज के पिता हरगोविंद नामदेव (35) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि 22 मई की रात करीब 8:30 बजे वह अपने दोस्तों मनोज पटेल और छोटे कोटवार के साथ पेट्रोल भरवाकर घर लौट रहे थे। तभी रहली कलारी के पास सतीश श्रीवास्तव और उसके बेटे गौरव श्रीवास्तव ने उन्हें रोककर गाली-गलौज की और मारपीट की। मनोज और छोटे ने बीच-बचाव किया। इस शिकायत पर पुलिस ने सतीश और गौरव के खिलाफ मामला दर्ज किया।

पुलिस के साथ झड़प
इसी मामले में शुक्रवार रात रहली थाना प्रभारी अनिल तिवारी अपनी टीम के साथ सतीश श्रीवास्तव के घर पहुंचे। वहां दोनों पक्षों के बीच बहस होने लगी। आरोपियों ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की और डंडे से हमला करने की कोशिश की। इस दौरान आरोपियों ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ (तेल) डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों और आसपास के लोगों ने उनसे तेल की कैन छीन ली। करीब एक घंटे तक मौके पर हंगामा रहा, जिसके बाद पुलिस वापस लौट आई।
पुलिस पर भ्रष्टाचार का आरोप
सतीश श्रीवास्तव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई और पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के नाम पर 50 हजार रुपए की मांग की। सतीश ने कहा, “विवाद के दौरान मेरी दुकान में तोड़फोड़ हुई, लेकिन पुलिस मुझे ही परेशान कर रही है।”

पुलिस का पक्ष
पुलिस अधिकारियों ने इस घटना पर कहा कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों द्वारा आत्महत्या का प्रयास करने की घटना गंभीर है, जिस पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इस घटना से रहली क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासियों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और पुलिस पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कराने की मांग उठाई है।

आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर और सतीश श्रीवास्तव के आरोपों की जांच की जा रही है। यदि पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार के सबूत मिलते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
इस पूरे प्रकरण में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने अतिरिक्त बल की तैनाती की है। मामला अभी और गर्मा सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने आरोपों पर अड़े हुए हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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