सागर में आंधी का तांडव, आधा शहर अंधेरे में डूबा !

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सागर जिले में गुरुवार रात मौसम ने अचानक भयावह रूप धारण कर लिया। तेज हवा और आंधी ने शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जमकर तबाही मचाई। करीब 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। कहीं घरों की टीन और चद्दरें उड़ गईं तो कहीं पेड़ धराशायी हो गए। आंधी के चलते बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हुई और देर रात तक आधा शहर अंधेरे में डूबा रहा।

शहर के कई क्षेत्रों में अचानक तेज हवा चलने लगी, जिसके बाद धूलभरी आंधी ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया। कई स्थानों पर बिजली के तार और पेड़ों की शाखाएं टूटने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली गुल होने के कारण लोगों को उमस और अंधेरे के बीच परेशानियों का सामना करना पड़ा। देर रात तक विद्युत विभाग की टीमें बिजली व्यवस्था बहाल करने में जुटी रहीं।

ग्रामीण इलाकों में भी आंधी का असर काफी गंभीर रहा। कई गांवों में लोग दहशत में नजर आए। तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी नरवाई में आग फैलने लगी, जिसने कुछ स्थानों पर विकराल रूप ले लिया। विशेष रूप से जरुआखेड़ा क्षेत्र में स्थिति काफी चिंताजनक हो गई।

जानकारी के अनुसार जरुआखेड़ा में हाई स्कूल ग्राउंड के पास खेतों की नरवाई में अचानक आग लग गई। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती हुई रहवासी बस्ती की ओर बढ़ने लगी। आग की ऊंची लपटें और उड़ते अंगारों को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। लोगों को डर था कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया तो यह बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है।

स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। हालांकि तेज हवा के कारण आग लगातार फैलती रही, जिससे दमकल कर्मियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी।

आग पर काबू पाने के लिए स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन का सहयोग किया। आसपास के क्षेत्रों से पानी के टैंकर बुलाए गए और गांव के पानी के स्रोतों का उपयोग कर आग बुझाने की कोशिश की गई। ग्रामीण बाल्टियों और पाइपों के जरिए आग रोकने में जुटे रहे। काफी देर तक चले प्रयासों के बाद आग को बस्ती की ओर बढ़ने से रोका जा सका।

इसी दौरान खुरई-सागर रोड स्थित सेमरा पुल के पास भी खेतों की नरवाई में लगी आग पहुंच गई। तेज हवा के कारण आग के अंगारे सड़क तक उड़ने लगे। सड़क पर धुएं और अंगारों के कारण दृश्यता कम हो गई, जिससे मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ।

स्थिति को देखते हुए खुरई-सागर मार्ग पर यातायात रोक दिया गया। सड़क पर गुजर रहे वाहन जहां-तहां रुक गए और लोगों में भय का माहौल बन गया। आग की तेज लपटें और हवा के साथ उड़ते अंगारे सड़क तक पहुंच रहे थे, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई थी।

करीब आधे घंटे तक मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। आंधी की रफ्तार कम होने और आग पर आंशिक नियंत्रण मिलने के बाद मार्ग पर यातायात दोबारा शुरू कराया गया।

देर रात तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां अलग-अलग स्थानों पर आग बुझाने में जुटी रहीं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए था। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि कई लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है और ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों की नरवाई जलने से किसानों को भी नुकसान होने की आशंका है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज आंधी के कारण कई घरों की टीन शेड उड़ गईं। कुछ क्षेत्रों में पेड़ गिरने से रास्ते अवरुद्ध हो गए। बिजली बंद होने से लोगों को रातभर परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हुईं।

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव की स्थिति बनी रह सकती है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने भी नागरिकों से अपील की है कि तेज हवा और आगजनी जैसी घटनाओं के दौरान घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दें।

विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में खेतों की नरवाई में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ती हैं और तेज हवा इन्हें और खतरनाक बना देती है। ऐसे में किसानों और ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन द्वारा भी लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

गुरुवार रात आई तेज आंधी ने सागर जिले में लोगों को डरा दिया। बिजली कटौती, आगजनी और यातायात बाधित होने जैसी घटनाओं ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी। हालांकि समय रहते प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की सक्रियता के चलते बड़ा हादसा टल गया।

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