राहुल गांधी की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई: कार्तिकेय चौहान मानहानि मामले में 12 मई को होगी अंतिम बहस !

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि प्रकरण को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ में गुरुवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। जस्टिस पीके अग्रवाल की एकलपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले को अंतिम सुनवाई के लिए 12 मई को सूचीबद्ध कर दिया है।

यह मामला केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान द्वारा दायर मानहानि परिवाद से जुड़ा हुआ है।

राहुल गांधी ने समन रद्द करने की लगाई है गुहार

दरअसल, एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष मजिस्ट्रेट ने राहुल गांधी को इस मामले में समन जारी किया था। राहुल गांधी ने इसी समन और पूरे परिवाद को निरस्त कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा और अधिवक्ता अजय गुप्ता ने अदालत में पक्ष रखा।

“परिवाद पूरी तरह निराधार”

राहुल गांधी की ओर से कोर्ट में कहा गया कि:

  • दायर किया गया परिवाद पूरी तरह निराधार है,
  • आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं,
  • समन जारी करने का आधार पर्याप्त नहीं है।

बचाव पक्ष ने अदालत से मांग की कि विशेष अदालत द्वारा जारी समन और पूरी कार्यवाही को निरस्त किया जाए।

2018 के चुनावी भाषण से जुड़ा मामला

यह पूरा मामला वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक भाषण से जुड़ा है। शिकायतकर्ता कार्तिकेय सिंह चौहान के अनुसार, उस समय राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और उन्होंने झाबुआ की चुनावी सभा में भाषण दिया था।

शिकायत में कहा गया है कि राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कथित रूप से:

  • पनामा पेपर्स लीक का उल्लेख किया,
  • शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय का नाम लिया,
  • और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ हुई कार्रवाई का उदाहरण दिया।

राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि पाकिस्तान में कार्रवाई हुई, लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसी कार्रवाई नहीं की गई।

“छवि धूमिल हुई”

कार्तिकेय सिंह चौहान का आरोप है कि राहुल गांधी के बयान से उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा और समाज में उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। इसी आधार पर उन्होंने भोपाल की विशेष अदालत में मानहानि का परिवाद दायर किया था।

परिवाद पर सुनवाई के बाद विशेष अदालत ने राहुल गांधी को समन जारी किया था।

राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा मामला

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला कानूनी के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। राहुल गांधी पहले भी कई मानहानि मामलों का सामना कर चुके हैं और यह प्रकरण भी राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।

वहीं भाजपा और कांग्रेस दोनों इस मामले को अपने-अपने तरीके से राजनीतिक रूप से देख रही हैं।

12 मई को होगी अंतिम सुनवाई

हाईकोर्ट ने गुरुवार की सुनवाई के दौरान किसी प्रकार का अंतरिम आदेश जारी नहीं किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले को अंतिम सुनवाई के लिए 12 मई को तय किया है।

अब इस मामले में सभी की नजरें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां कोर्ट यह तय करेगा कि:

  • राहुल गांधी के खिलाफ जारी समन बरकरार रहेगा या नहीं,
  • और क्या मानहानि परिवाद आगे चलेगा।

राहुल गांधी और कार्तिकेय सिंह चौहान के बीच चल रहा यह मानहानि विवाद अब हाईकोर्ट के निर्णायक चरण में पहुंच गया है। 2018 के चुनावी भाषण से शुरू हुआ मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण बन चुका है। 12 मई की सुनवाई में कोर्ट का फैसला आगे की दिशा तय करेगा।

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