IPL में खिलाड़ियों की सुरक्षा पर BCCI सख्त: हनी ट्रैप और फिक्सिंग के खतरे के बीच होटल, डगआउट और टीम बस में बाहरी लोगों की एंट्री बैन !

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दी है। खिलाड़ियों को हनी ट्रैप, सट्टेबाजी और फिक्सिंग जैसे खतरों से बचाने के लिए बोर्ड ने नए सुरक्षा नियम लागू किए हैं। अब टीम होटल, ड्रेसिंग रूम, डगआउट और टीम बस जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बाहरी लोगों की एंट्री पर कड़ा प्रतिबंध रहेगा। यहां तक कि फ्रेंचाइजी मालिकों की गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

BCCI की एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कई मैचों के दौरान कुछ ऐसे लोग खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के आसपास देखे गए, जिन्हें वहां रहने की अनुमति नहीं थी। जांच में सामने आया कि टीम डगआउट, होटल और बस जैसे प्रतिबंधित इलाकों में बाहरी व्यक्तियों की मौजूदगी सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। इसके बाद बोर्ड ने तत्काल सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

होटल रूम में मेहमानों की एंट्री पर रोक

BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने सभी IPL फ्रेंचाइजियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी खिलाड़ी या सपोर्ट स्टाफ के होटल रूम में बिना अनुमति कोई बाहरी व्यक्ति नहीं जा सकेगा। यदि किसी मेहमान को प्रवेश देना जरूरी हो, तो उसके लिए टीम मैनेजर की लिखित मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।

इसके अलावा खिलाड़ियों और स्टाफ को होटल से अनियमित समय पर बाहर जाने से भी रोका गया है। यदि किसी कारणवश बाहर जाना जरूरी हो, तो सिक्योरिटी लायजन ऑफिसर और टीम इंटीग्रिटी ऑफिसर को पहले से जानकारी देना अनिवार्य होगा। बोर्ड का मानना है कि अनियंत्रित आवाजाही खिलाड़ियों को गलत लोगों के संपर्क में ला सकती है, जिससे फिक्सिंग या ब्लैकमेलिंग जैसे खतरे बढ़ सकते हैं।

मैच के दौरान मालिकों की एंट्री भी सीमित

BCCI ने मैच के दौरान फ्रेंचाइजी मालिकों की गतिविधियों पर भी नियंत्रण बढ़ा दिया है। नए नियमों के मुताबिक मैच शुरू होने के बाद टीम मालिक खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ या सपोर्ट स्टाफ से सीधे संपर्क नहीं कर सकेंगे। ड्रेसिंग रूम, डगआउट या मैदान में जाकर बातचीत करना भी नियमों के खिलाफ माना जाएगा।

यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि IPL जैसे हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट में खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन पर बाहरी दबाव या प्रभाव की आशंका बनी रहती है। बोर्ड अब किसी भी प्रकार की अनधिकृत बातचीत या संपर्क को रोकना चाहता है।

वेपिंग और ई-सिगरेट पर भी पूरी तरह प्रतिबंध

IPL 2026 के दौरान वेपिंग और ई-सिगरेट से जुड़े कुछ वीडियो वायरल होने के बाद बोर्ड ने इस पर भी सख्ती दिखाई है। रियान पराग पर वेपिंग मामले में जुर्माना लगाया गया था। वहीं युजवेंद्र चहल का भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा।

इन घटनाओं के बाद BCCI ने ड्रेसिंग रूम, होटल, टीम बस और प्रैक्टिस एरिया सहित IPL से जुड़े सभी स्थानों पर वेपिंग और ई-सिगरेट के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भारतीय कानून के तहत पहले से ही ई-सिगरेट और वेपिंग प्रतिबंधित हैं, इसलिए खिलाड़ियों और स्टाफ को भी इसका पालन करना होगा।

नियम तोड़ने पर जुर्माना और सस्पेंशन

BCCI ने साफ चेतावनी दी है कि नए सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माना, निलंबन और टूर्नामेंट से डिस्क्वालिफिकेशन जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है।

बोर्ड का कहना है कि IPL की साख और विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी खिलाड़ी, स्टाफ या फ्रेंचाइजी को नियमों से ऊपर नहीं माना जाएगा।

क्या है PMOA प्रोटोकॉल?

IPL में मैच फिक्सिंग और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए “Players and Match Officials Area” यानी PMOA प्रोटोकॉल लागू किया गया है। इसके तहत कुछ विशेष क्षेत्रों को संवेदनशील घोषित किया जाता है, जहां केवल अधिकृत लोगों को ही प्रवेश मिलता है।

इसमें ड्रेसिंग रूम, डगआउट, मैच अधिकारियों के क्षेत्र और टीम रणनीति से जुड़े स्थान शामिल होते हैं। यहां मोबाइल फोन और किसी भी प्रकार के कम्युनिकेशन डिवाइस का उपयोग प्रतिबंधित होता है।

नियमों के अनुसार टीम मालिक भी टॉस के बाद डगआउट या ड्रेसिंग रूम में नहीं जा सकते। हाल ही में Rajasthan Royals के टीम मैनेजर रोमी भिंडर को गुवाहाटी में मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते देखा गया था, जिसके बाद बोर्ड और ज्यादा सतर्क हो गया।

2013 स्पॉट फिक्सिंग के बाद बढ़ी सख्ती

IPL में सुरक्षा और एंटी करप्शन नियमों को लेकर BCCI पहले से काफी सतर्क रहा है। खासकर 2013 के स्पॉट फिक्सिंग विवाद के बाद एंटी करप्शन यूनिट की भूमिका काफी बढ़ा दी गई थी।

अब हर टीम के साथ एक समर्पित ACSU अधिकारी तैनात रहता है, जो खिलाड़ियों की गतिविधियों, संपर्कों और उनसे मिलने वाले लोगों पर नजर रखता है। खिलाड़ियों को समय-समय पर जागरूकता प्रशिक्षण भी दिया जाता है ताकि वे हनी ट्रैप, सट्टेबाजों और संदिग्ध लोगों से दूरी बनाए रखें।

हालिया रिपोर्ट के बाद बोर्ड ने यह संकेत दे दिया है कि वह किसी भी संभावित खतरे को शुरुआती स्तर पर ही खत्म करना चाहता है। IPL दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीगों में से एक है और उसकी छवि को बनाए रखने के लिए BCCI अब सुरक्षा और निगरानी के हर स्तर को और मजबूत कर रहा है।

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