सागर जिले की मोतीनगर थाना पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी के मामले में एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी कुछ समय पहले ही हत्या के मामले में जेल से जमानत पर बाहर आया था और बाहर आते ही उसने चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी गया ई-रिक्शा भी बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार यह मामला 5 मई का है, जब फरियादी राहुल रजक निवासी भरका गोपालजी मंदिर के पास, सूबेदार वार्ड ने मोतीनगर थाने पहुंचकर अपने ई-रिक्शा चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी।
अस्पताल के बाहर से चोरी हुआ ई-रिक्शा
फरियादी राहुल रजक ने पुलिस को बताया कि उसके दो ई-ऑटो किराए पर चलते हैं। इनमें से एक ई-रिक्शा क्रमांक एमपी 15 जेडएन 1951 को चालक चन्द्रशेखर रजक चला रहा था। घटना वाले दिन चालक भाग्योदय अस्पताल में सवारी छोड़ने गया था।

सवारी छोड़ने के बाद चालक ने ई-रिक्शा सड़क किनारे खड़ा किया और पास में फुटकर पैसे कराने चला गया। जब वह कुछ देर बाद वापस लौटा तो वाहन वहां से गायब मिला। चालक ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
इसके बाद वाहन मालिक और परिजनों ने भी अपने स्तर पर खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार मामले की शिकायत मोतीनगर थाने में दर्ज कराई गई।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। वारदात स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जांच के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति वाहन ले जाते हुए दिखाई दिया।
फुटेज के आधार पर पुलिस को आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू किया।
घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा
गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध आरोपी इलाके में देखा गया है। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।
पकड़े गए आरोपी की पहचान अन्नू उर्फ अनिल पिता स्वर्गीय गुड्डा अहिरवार (32) निवासी बिजली ऑफिस के पास संत रविदास वार्ड के रूप में हुई। पुलिस आरोपी को थाने लेकर आई और पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में कबूला अपराध
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने ई-रिक्शा चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गया ई-रिक्शा भी बरामद कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और उसका लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है।
हत्या के मामले में काट चुका है सजा
मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी हत्या का मामला दर्ज हो चुका है। उस मामले में न्यायालय ने उसे 14 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।
हाल ही में आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आया था। जेल से छूटने के बाद उसने दोबारा अपराध की राह पकड़ ली और ई-रिक्शा चोरी की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस ने कोर्ट में किया पेश
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी किसी अन्य चोरी की घटनाओं में शामिल तो नहीं रहा है।
बढ़ती चोरी की घटनाओं से चिंता
शहर में लगातार वाहन चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं। खासकर ई-रिक्शा और दोपहिया वाहनों को निशाना बनाए जाने से वाहन मालिकों में चिंता बढ़ रही है।
पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर वाहन खड़ा करते समय लोगों को सतर्क रहना चाहिए और संभव हो तो सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करना चाहिए।
पुलिस की सतर्कता से खुला मामला
इस मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की मदद से तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।