सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) अस्पताल में गुरुवार शाम एक बेहद संवेदनशील और शर्मनाक घटना सामने आई, जिसने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल में इलाज कराने आई 5 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ एक युवक ने गलत हरकत करने की कोशिश की। बच्ची के शोर मचाने पर मामला खुला और अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।
इलाज कराने आई थी मासूम बच्ची
जानकारी के अनुसार, 5 वर्षीय बच्ची अपने परिजनों के साथ बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज अस्पताल इलाज के लिए आई थी। देर शाम बच्ची अकेले बाथरूम गई थी। इसी दौरान एक युवक उसके पीछे अंदर पहुंच गया।

बताया जा रहा है कि युवक ने बच्ची को पकड़ लिया और उसका मुंह दबाकर गलत हरकत करने की कोशिश की। अचानक हुए इस घटनाक्रम से बच्ची घबरा गई, लेकिन उसने हिम्मत दिखाते हुए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया।
बच्ची की आवाज सुनकर आरोपी घबरा गया और वह मौके से निकलने की कोशिश करने लगा। वहीं बच्ची रोते हुए बाहर आई और अपनी मां को पूरी घटना बताई।
मां ने तुरंत दी सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही बच्ची की मां ने अस्पताल स्टाफ, नर्स और सुरक्षा गार्डों को सूचना दी। अस्पताल में मौजूद गार्डों ने तत्काल सक्रियता दिखाई और बच्ची द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी ने काली टी-शर्ट पहन रखी थी। गार्डों ने अस्पताल परिसर में खोजबीन शुरू की और कुछ ही देर में संदिग्ध युवक को पकड़ लिया।
बच्ची ने आरोपी की पहचान की, जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पैर का इलाज कराने आया था आरोपी
पुलिस पूछताछ में आरोपी की पहचान रहली क्षेत्र निवासी गुड्डू कुर्मी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने पैर का इलाज कराने के लिए अस्पताल आया था।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि बाथरूम के पास बच्ची को अकेला देखकर आरोपी की नीयत खराब हो गई और उसने वारदात को अंजाम देने की कोशिश की।
हालांकि बच्ची की सूझबूझ और समय पर शोर मचाने से बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना की सूचना मिलते ही गोपालगंज थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
सीएसपी ललित कश्यप ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आरोपी द्वारा गलत हरकत करने की पुष्टि हुई है। शुक्रवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीएमसी जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में रोजाना हजारों मरीज और उनके परिजन आते हैं। ऐसे में बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
लोगों का कहना है कि अस्पताल में सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
कई सामाजिक संगठनों ने भी घटना की निंदा करते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गार्डों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
इस पूरे घटनाक्रम में अस्पताल के सुरक्षा गार्डों की भूमिका अहम रही। अगर समय रहते गार्ड सक्रिय नहीं होते, तो आरोपी मौके से फरार हो सकता था।
अस्पताल प्रशासन ने भी गार्डों की तत्परता की सराहना की है। वहीं परिजनों ने कहा कि बच्ची की हिम्मत और सुरक्षा कर्मियों की तेजी से कार्रवाई होने के कारण आरोपी तुरंत पकड़ा गया।
समाज के लिए गंभीर चेतावनी
यह घटना समाज में बढ़ते अपराधों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। अस्पताल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी अब बच्चों को अकेला छोड़ना जोखिम भरा होता जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को “गुड टच और बैड टच” के बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है, ताकि वे किसी भी गलत हरकत की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दे सकें और अपने परिजनों को जानकारी दे सकें।
पुलिस करेगी विस्तृत जांच
पुलिस अब आरोपी की पृष्ठभूमि, मोबाइल रिकॉर्ड और गतिविधियों की जांच कर रही है। साथ ही अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और मामले की जांच जारी है।