मोहन कैबिनेट की अहम बैठक आज: राज्य मंत्रियों का स्वेच्छानुदान बढ़ाने पर फैसला संभव, कई बड़े प्रस्तावों पर होगी चर्चा !

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मोहन यादव सरकार की सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक कई अहम फैसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में राज्य मंत्रियों के स्वेच्छानुदान की राशि बढ़ाने को लेकर बड़ा निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल राज्य मंत्रियों को दो करोड़ रुपए का स्वेच्छानुदान मिलता है, जिसे बढ़ाकर तीन करोड़ रुपए किए जाने का प्रस्ताव एजेंडे में शामिल है।

सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट में केवल राज्य मंत्रियों ही नहीं बल्कि कैबिनेट मंत्रियों के स्वेच्छानुदान में भी बढ़ोतरी को मंजूरी मिल सकती है। यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है तो मंत्रियों को अपने क्षेत्रों में जनहित और आकस्मिक सहायता कार्यों के लिए अधिक वित्तीय अधिकार मिल जाएंगे।

कई विभागों के महत्वपूर्ण प्रस्ताव एजेंडे में

मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद की इस बैठक में वित्त, जल संसाधन, लोक निर्माण, विधि, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और सामान्य प्रशासन विभाग सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा होगी।

बैठक का सबसे अहम एजेंडा 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक लोक वित्त पोषित योजनाओं और परियोजनाओं को जारी रखने से जुड़ा हुआ है। इसके तहत 500 करोड़ रुपए से अधिक और कम लागत वाली कई योजनाओं को निरंतर जारी रखने पर विचार किया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास परियोजनाएं बीच में प्रभावित न हों और अगले पांच वर्षों तक वित्तीय प्रवाह बना रहे।

जल संसाधन विभाग का बड़ा प्रस्ताव

जल संसाधन विभाग की ओर से खुमानसिंह शिवाजी जलाशय यानी ठिकरिया तालाब सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति देने का प्रस्ताव कैबिनेट में रखा जाएगा।

इसके अलावा विभागीय अधिकारियों के खिलाफ पेंशन नियमों के अंतर्गत चल रही विभागीय जांच से जुड़े मामलों पर भी चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि सरकार प्रशासनिक मामलों में भी कुछ अहम निर्णय ले सकती है।

राज्य मंत्रियों के स्वेच्छानुदान पर नजर

सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से राज्य मंत्रियों को दिए जाने वाले स्वेच्छानुदान में वृद्धि का प्रस्ताव बैठक का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है।

अभी राज्य मंत्रियों को दो करोड़ रुपए तक स्वेच्छानुदान की सुविधा मिलती है। सरकार इसे बढ़ाकर तीन करोड़ रुपए करने पर विचार कर रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इससे मंत्रियों को क्षेत्रीय जरूरतों और जनसहायता कार्यों में अधिक लचीलापन मिलेगा।

बैठक में एक सेवानिवृत्त अधिकारी को संविदा नियुक्ति देने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।

सड़कों और शहरी विकास योजनाओं पर भी फोकस

लोक निर्माण विभाग द्वारा शहरी और नगरीय क्षेत्रों की सड़कों के नव निर्माण, उन्नयन और सुदृढ़ीकरण से संबंधित योजनाओं को 16वें वित्त आयोग की अवधि तक जारी रखने का प्रस्ताव रखा जाएगा।

सरकार प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रही है। माना जा रहा है कि इस प्रस्ताव के जरिए कई लंबित और नई सड़क परियोजनाओं को निरंतर वित्तीय समर्थन मिलेगा।

हाईकोर्ट परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग का प्रस्ताव

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय परिसर में मल्टीलेवल वाहन पार्किंग और बार ऑफिस निर्माण परियोजना को सूचकांक गणना से मुक्त रखने का प्रस्ताव भी कैबिनेट एजेंडे में शामिल है।

यह प्रस्ताव विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा रखा गया है। इससे हाईकोर्ट परिसर में बढ़ती पार्किंग समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वृद्धावस्था पेंशन योजना जारी रखने पर विचार

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना को निरंतर जारी रखने का प्रस्ताव भी बैठक में रखेगा।

इस योजना के जरिए प्रदेश के लाखों बुजुर्गों को आर्थिक सहायता मिलती है। सरकार इसे आगामी वित्त आयोग अवधि में भी जारी रखने की तैयारी कर रही है।

बुधनी में मेडिकल कॉलेज स्थापना पर चर्चा

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से बुधनी में नए मेडिकल कॉलेज, संबद्ध अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति का मामला भी कैबिनेट में रखा जाएगा।

यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को बड़ा लाभ मिल सकता है।

कई अहम फैसलों की उम्मीद

सोमवार की यह कैबिनेट बैठक प्रशासनिक, वित्तीय और विकास कार्यों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। खास तौर पर मंत्रियों के स्वेच्छानुदान में बढ़ोतरी और विकास योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने जैसे फैसले सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि कैबिनेट किन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी देती है और प्रदेश के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कौन-कौन से नए फैसले सामने आते हैं।

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