छतरपुर। नौगांव थाना पुलिस ने मंगलवार को बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब एक साल से फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी बदमाश राजा पंडित को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी उत्तर प्रदेश के ललितपुर का निवासी है और उसके खिलाफ हत्या, लूट, चोरी, गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार राजा पंडित उस सनसनीखेज छात्रा अपहरण कांड का मुख्य आरोपी था, जिसने पिछले वर्ष नौगांव क्षेत्र में दहशत फैला दी थी। आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था और मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी नहीं करता था, जिसके कारण उसकी लोकेशन ट्रेस करना चुनौती बना हुआ था। आखिरकार साइबर सेल और पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को दबोच लिया गया।

परीक्षा देकर लौट रही छात्रा का किया था अपहरण
जानकारी के मुताबिक 13 मई 2025 को नौगांव थाना क्षेत्र के महोबा रोड स्थित मानपुरा के पास एक छात्रा का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया था। छात्रा शासकीय बापू महाविद्यालय में परीक्षा देने के बाद टैक्सी से अपने गांव लौट रही थी। इसी दौरान फोर व्हीलर में सवार बदमाशों ने रास्ता रोक लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपियों ने इलाके में दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की थी। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घबरा गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद बदमाश छात्रा का अपहरण कर फरार हो गए थे।
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और कई टीमों का गठन किया गया।
पहले गिरफ्तार हो चुके हैं चार आरोपी
पुलिस जांच के दौरान इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों पंकज यादव, संजू यादव, राजाराम यादव और संदीप विश्वकर्मा को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। लेकिन मुख्य आरोपी राजा पंडित पुलिस गिरफ्त से दूर था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक राजा पंडित बेहद शातिर अपराधी है। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। इतना ही नहीं, वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी नहीं करता था ताकि पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस न कर सके।
10 हजार का इनाम था घोषित
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस और साइबर सेल लगातार आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया था।
लंबे समय तक फरार रहने के बावजूद पुलिस ने हार नहीं मानी और लगातार दबिश देती रही। आखिरकार मंगलवार को पुलिस को सफलता मिली और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी को पकड़ने के लिए तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ मैनुअल निगरानी का भी सहारा लिया गया। साइबर सेल की मदद से आरोपी के संभावित संपर्कों और गतिविधियों पर नजर रखी गई।
नौगांव थाना पुलिस की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
लंबा है आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार राजा पंडित का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के ललितपुर सहित अन्य जिलों में हत्या, लूट, चोरी और गैंगस्टर एक्ट के कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और कई संगठित वारदातों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज हैं।
एसडीओपी बोले- लगातार बदल रहा था ठिकाना
अमित मेश्राम ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए थी।
उन्होंने कहा कि साइबर सेल और पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई के चलते आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
क्षेत्र में बनी थी दहशत
छात्रा अपहरण कांड के बाद नौगांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों में भारी आक्रोश था। दिनदहाड़े फायरिंग और अपहरण जैसी घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। पुलिस पर भी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दबाव था।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों का कहना है कि इससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी और लोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ेगा।
पुलिस की कार्रवाई को मिली सराहना
स्थानीय लोगों ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाया जा सके।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह फरारी के दौरान किन लोगों के संपर्क में था और किन स्थानों पर छिपा रहा।