दमोह: जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के सेहरी गांव में मंगलवार रात एक विवाद ने गंभीर रूप ले लिया, जहां दो पक्षों के बीच हुए झगड़े के बाद पूर्व सरपंच के भाई की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल बन गया और आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान 45 वर्षीय चंद्रभान यादव के रूप में हुई है, जो पूर्व सरपंच अनिल यादव के भाई थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत मिट्टी डालने को लेकर हुई थी, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और मारपीट में बदल गई।
मृतक के भाई अनिल यादव ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनके घर पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी लाई गई थी। इसी दौरान गांव के दिनेश यादव ने उनके भाई जवाहर को रोककर अपने ढाबे के पास मिट्टी डालने को कहा। जब जवाहर ने मना किया तो आरोप है कि दिनेश यादव और उसके साथ मौजूद लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और विवाद बढ़ गया।

परिजनों का आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपियों ने धमकी भी दी कि यदि उनकी बात नहीं मानी गई तो गांव में ट्रैक्टरों से जुड़ा काम बंद करा दिया जाएगा। इसके बाद मामला और तनावपूर्ण हो गया और मारपीट शुरू हो गई।
बताया जा रहा है कि पहले जवाहर के साथ डंडे से मारपीट की गई, जिससे वह घायल हो गया। इसी दौरान शोर सुनकर उसका भाई चंद्रभान यादव घर से बाहर आया। परिजनों का आरोप है कि उसी समय आरोपियों में से एक ने कट्टा निकालकर फायरिंग की, जिससे चंद्रभान की मौत हो गई।
घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। शव को तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है, जहां बुधवार को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल मौत को संदिग्ध मानते हुए जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत का वास्तविक कारण क्या था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या वास्तव में फायरिंग हुई थी या किसी अन्य कारण से मौत हुई है।

इस घटना को लेकर मृतक पक्ष ने कई लोगों पर आरोप लगाए हैं, जिनमें दिनेश यादव, ज्ञानी यादव, चक्रेश यादव, गोवर्धन यादव और प्रदीप गोड़ के नाम शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपों को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरे पक्ष की ओर से बताया गया है कि विवाद केवल मिट्टी डालने को लेकर हुआ था और उसके बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप किए जा रहे हैं।
इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अंधेरा होने के कारण स्पष्ट दृश्य नहीं दिख रहा, लेकिन दोनों पक्षों के बीच बहस और गाली-गलौज की आवाजें सुनी जा सकती हैं। पुलिस इस वीडियो को भी जांच का हिस्सा बना रही है।
एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदोरिया ने बताया कि मामला गंभीर है और सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे विवादों के हिंसक रूप लेने की गंभीरता को उजागर करती है, जहां आपसी तनाव और रंजिश बड़े हादसों का कारण बन रही है।