भोपाल: शहर के करोंद क्षेत्र में बुधवार को एक चार मंजिला इमारत में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। यह घटना पीपुल्स हॉस्पिटल के सामने स्थित उस बिल्डिंग में हुई, जहां एक प्रसिद्ध फास्ट फूड आउटलेट KFC भी संचालित होता है। आग लगते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और लोग अपने घरों व दुकानों से बाहर निकल आए।
जानकारी के अनुसार आग बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर लगी, जहां एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं। आग की चपेट में आकर वहां रखा फर्नीचर और एयर कंडीशनर जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि आग KFC आउटलेट तक नहीं पहुंची, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग क्रोमा के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम के पास रखे जनरेटर में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। इसी जनरेटर से आग तेजी से फैली और आसपास रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते धुआं और लपटें पूरे फ्लोर पर फैल गईं, जिससे स्थिति गंभीर हो गई।
घटना के समय बिल्डिंग में ज्यादा भीड़ नहीं थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों के अनुसार यदि उस समय वहां ग्राहक या कर्मचारी मौजूद होते तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।
आग लगने की सूचना मिलते ही सबसे पहले पीपुल्स हॉस्पिटल की फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसके कुछ ही देर बाद नगर निगम की दमकल गाड़ियां भी पहुंच गईं। दोनों टीमों ने मिलकर करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
आग बुझाने के दौरान इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई थी। लोग दूर से ही ऊंची-ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार देख रहे थे, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही निशातपुरा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण जनरेटर में हुआ शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। प्रशासन ने मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार इस घटना में लाखों रुपए का नुकसान हुआ है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, एसी और फर्नीचर प्रमुख रूप से शामिल हैं। हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लेने से बड़ी जनहानि टल गई, जिसे राहत की बात माना जा रहा है।
फिलहाल प्रशासन और फायर विभाग आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच में जुटे हैं और यह भी देखा जा रहा है कि सुरक्षा मानकों का पालन ठीक से किया गया था या नहीं।