भोपाल में 11वीं की छात्रा ने की आत्महत्या: AI से बने अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी से थी परेशान, परिवार ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप !

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राजधानी भोपाल के ऐशबाग इलाके में 11वीं कक्षा की 17 वर्षीय छात्रा द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि दो युवक छात्रा को लगातार परेशान कर रहे थे और AI तकनीक से बनाए गए अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल कर रहे थे। मानसिक प्रताड़ना और बदनामी के डर से परेशान होकर छात्रा ने यह आत्मघाती कदम उठाया।

पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिसके चलते पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

कमरे में फंदे पर लटकी मिली छात्रा

जानकारी के अनुसार छात्रा ऐशबाग इलाके में अपने परिवार के साथ रहती थी। उसके पिता बिट्ठल मार्केट में कपड़े की दुकान संचालित करते हैं। छात्रा परिवार की बड़ी बेटी थी और उसकी एक छोटी बहन व एक भाई है।

परिजनों के मुताबिक गुरुवार रात छात्रा सामान्य व्यवहार कर रही थी। उसने अपनी छोटी बहन को किसी सामान लाने के बहाने बाहर भेज दिया। इसी दौरान उसने कमरे में दुपट्टे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।

जब छोटी बहन वापस लौटी तो उसने बड़ी बहन को फंदे पर लटका देखा। उसने तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों को जानकारी दी। परिजन उसे नीचे उतारकर अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

AI से बनाए गए अश्लील फोटो

मृतका के चाचा ने आरोप लगाया कि छोला इलाके में रहने वाला एक युवक और उसका दोस्त छात्रा को लंबे समय से परेशान कर रहे थे। आरोपियों ने AI तकनीक की मदद से छात्रा के अश्लील फोटो तैयार किए थे।

परिवार का आरोप है कि युवक इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने और छात्रा को बदनाम करने की धमकी देते थे। इसके अलावा वे छात्रा के साथ गलत हरकतें भी करते थे।

छात्रा ने यह बात अपने माता-पिता को बताई थी। इसके बाद परिवार ने आरोपियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि युवकों ने छात्रा के पिता के साथ भी बदसलूकी की थी।

बदनामी के डर से नहीं की शिकायत

परिजनों का कहना है कि बदनामी के डर और समाज में इज्जत खराब होने की आशंका के कारण उस समय पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। लेकिन लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव के चलते छात्रा तनाव में रहने लगी थी।

परिवार का आरोप है कि इसी मानसिक प्रताड़ना के कारण उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।

पुलिस कर रही तकनीकी जांच

मामले में थाना प्रभारी संदीप पवार ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसलिए आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों के विस्तृत बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

पुलिस छात्रा के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और चैट रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। यदि AI जनरेटेड अश्लील तस्वीरों और ब्लैकमेलिंग की पुष्टि होती है तो आरोपियों पर आईटी एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जा सकता है।

बढ़ता साइबर अपराध और AI का दुरुपयोग

यह घटना एक बार फिर AI तकनीक और साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को सामने लाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि डीपफेक और AI आधारित फर्जी फोटो-वीडियो बनाकर लोगों को ब्लैकमेल करने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह की धमकियों का किशोरों पर गहरा मानसिक प्रभाव पड़ता है। ऐसे मामलों में परिवारों को तुरंत पुलिस और साइबर सेल की मदद लेनी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके और किसी बड़ी घटना को रोका जा सके।

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