भोपाल।
मध्यप्रदेश में कार्यरत 5420 प्रशिक्षु पटवारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। अब उन्हें सेवा में स्थायी नियुक्ति और वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी का लाभ पाने के लिए ऑनलाइन विभागीय परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। इस संबंध में मध्यप्रदेश भू-संसाधन प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
विभाग के अनुसार परीक्षा जल्द आयोजित की जाएगी। परीक्षा की तारीख तय होने के बाद जिलों को अलग से सूचना भेजी जाएगी। इस प्रक्रिया को लेकर विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
ऑनलाइन होगी विभागीय परीक्षा
भू-संसाधन प्रबंधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रशिक्षु पटवारियों की विभागीय परीक्षा ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी। परीक्षा का संचालन एमपी ऑनलाइन के जरिए किया जाएगा।

इस परीक्षा में सफल होने वाले पटवारियों को नियमित और स्थायी सेवा का लाभ मिलेगा। साथ ही वेतनमान, भत्तों और अन्य सेवा संबंधी सुविधाओं में वृद्धि का रास्ता भी साफ होगा।
2024 में टल गई थी परीक्षा
विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह परीक्षा पहले वर्ष 2024 में आयोजित की जानी थी। उस समय परीक्षा की संभावित तारीख 15 दिसंबर तय की गई थी, लेकिन कुछ प्रशासनिक कारणों के चलते परीक्षा नहीं हो सकी।
उस समय परीक्षा में शामिल होने वाले प्रशिक्षु पटवारियों की संख्या 4786 थी। अब नई सूची तैयार होने के बाद यह संख्या बढ़कर 5420 हो गई है।
जिलों से मांगी गई संशोधित सूची
विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि यदि तैयार की गई सूची में किसी प्रकार का संशोधन, नाम विलोपन या नया नाम जोड़ना हो तो उसकी जानकारी समय सीमा के भीतर विभाग को भेजी जाए।
नए नाम जोड़ने के लिए कर्मचारी कोड और रोल नंबर जैसी जानकारी देना अनिवार्य किया गया है।
इसके अलावा यदि किसी पटवारी का पदस्थापना जिला बदला गया है, तो उसकी जानकारी भी विभाग को उपलब्ध करानी होगी।
पूरी सूची दोबारा नहीं भेजी जाएगी
निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिला कार्यालय पूरी सूची दोबारा नहीं भेजेंगे। केवल उन्हीं प्रशिक्षु पटवारियों की जानकारी भेजी जाएगी जिनमें किसी प्रकार का संशोधन या परिवर्तन किया जाना है।
विभाग ने संशोधित सूची 30 मई 2026 तक विभागीय ईमेल पर भेजने के निर्देश दिए हैं।
परीक्षा की तैयारी के लिए मिलेगा समय
भू-संसाधन प्रबंधन विभाग ने यह भी कहा है कि परीक्षा में शामिल होने वाले पटवारियों को परीक्षा का पाठ्यक्रम, प्रश्नपत्र योजना और तैयारी से संबंधित जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए।
सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि दो दिन के भीतर संबंधित जानकारी अभ्यर्थियों तक पहुंचाई जाए ताकि उन्हें तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
स्थायी सेवा के लिए अहम होगी परीक्षा
विशेषज्ञों के अनुसार यह विभागीय परीक्षा प्रशिक्षु पटवारियों के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। परीक्षा पास करने वाले कर्मचारियों को न केवल सेवा में स्थायित्व मिलेगा, बल्कि भविष्य में प्रमोशन और अन्य प्रशासनिक लाभों का रास्ता भी आसान होगा।
राज्य में बड़ी संख्या में प्रशिक्षु पटवारी लंबे समय से नियमितीकरण और सेवा लाभों की मांग कर रहे थे। अब विभागीय परीक्षा प्रक्रिया शुरू होने के बाद हजारों कर्मचारियों की निगाहें इस परीक्षा पर टिकी हुई हैं।