मध्यप्रदेश सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के युवाओं को सेना, पुलिस, होमगार्ड और निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए तैयार करने के उद्देश्य से शुरू की गई “शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026” का भव्य शुभारंभ सागर के रविन्द्र भवन में किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पूर्व सैन्य अधिकारियों और बड़ी संख्या में युवक-युवतियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सागर विधायक शैलेंद्र जैन ने योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह पहल युवाओं को शारीरिक रूप से सक्षम, अनुशासित और आत्मविश्वासी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित युवा आने वाले भारत की नई तस्वीर हैं और सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में सेना, पुलिस, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा सेवाओं में भर्ती के लिए केवल शैक्षणिक योग्यता ही नहीं, बल्कि शारीरिक दक्षता, अनुशासन और मानसिक मजबूती भी आवश्यक है। यही कारण है कि राज्य सरकार ने इस विशेष प्रशिक्षण योजना की शुरुआत की है, ताकि ग्रामीण और पिछड़े वर्ग के युवाओं को प्रतियोगी माहौल में बेहतर अवसर मिल सके।
विधायक श्री जैन ने पूर्व सैन्य अधिकारी यू.पी.एस. भदौरिया की सराहना करते हुए कहा कि उनका अनुभव युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने कहा कि भदौरिया केवल सेवानिवृत्त अधिकारी नहीं बल्कि एक फील्ड कमांडर की तरह युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने कोचिंग संस्थानों और प्रशिक्षण टीम के योगदान की भी प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री की सोच से जुड़ी योजना
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार नई योजनाएं ला रहे हैं। शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना भी उसी सोच का हिस्सा है, जिसके माध्यम से युवाओं को दक्ष बनाकर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवा शारीरिक योग्यता आधारित नौकरियों में सफलता प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
अनुशासन को बताया सफलता की पहली शर्त
पूर्व सैन्य अधिकारी यू.पी.एस. भदौरिया ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि सेना और सुरक्षा सेवाओं में सफलता पाने के लिए अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को केवल दौड़ और शारीरिक अभ्यास ही नहीं, बल्कि समय प्रबंधन, मानसिक मजबूती और टीम भावना भी सिखाई जाएगी।
उन्होंने युवक-युवतियों से कहा कि यदि वे पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ प्रशिक्षण लेंगे तो निश्चित रूप से अपने लक्ष्य तक पहुंच सकेंगे।
प्रशिक्षण के दौरान मिलेंगी सभी सुविधाएं
डिप्टी कलेक्टर रजत सोनी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को पढ़ाई सामग्री, शारीरिक प्रशिक्षण, रहने और भोजन की समुचित व्यवस्था प्रदान की जाएगी।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रशिक्षण न केवल सागर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के युवाओं को नई दिशा देगा और वे विभिन्न प्रतियोगी भर्तियों में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
क्या है शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026
पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा शुरू की गई यह योजना विशेष रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के युवक-युवतियों के लिए तैयार की गई है। योजना का उद्देश्य युवाओं को सेना, पुलिस, होमगार्ड एवं अन्य सुरक्षा सेवाओं की भर्ती प्रक्रियाओं के लिए तैयार करना है।
योजना के अंतर्गत सागर जिले में कुल 200 युवाओं का चयन किया गया है, जिनमें 100 बालक और 100 बालिकाएं शामिल हैं।
प्रशिक्षण की मुख्य विशेषताएं:
- कुल प्रशिक्षण अवधि: 45 दिन
- आवासीय प्रशिक्षण व्यवस्था
- प्रतिदिन शारीरिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण
- अनुभवी ट्रेनर एवं पूर्व सैनिकों द्वारा मार्गदर्शन
- सामान्य ज्ञान, गणित, तर्कशक्ति, कंप्यूटर और अंग्रेजी की कक्षाएं
- दौड़, फिटनेस एवं शारीरिक दक्षता अभ्यास

प्रतिभागियों को मिलेगी छात्रवृत्ति
- पुरुष प्रशिक्षणार्थी: ₹1000 प्रतिमाह
- महिला प्रशिक्षणार्थी: ₹1100 प्रतिमाह
युवाओं में दिखा उत्साह
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवक-युवतियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई प्रतिभागियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार का प्रशिक्षण मिलना उनके लिए बड़ा अवसर है। इससे उन्हें सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर अपर कलेक्टर अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट गगन विशेन, संयुक्त कलेक्टर विजय डेहरिया, जिला खेल अधिकारी प्रदीप अविन्द्रा, श्री मनीष नेमा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।