नवनियुक्त जनभागीदारी अध्यक्ष विजय डहेरिया का कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में प्रथम निरीक्षण, व्यवस्थाओं से लेकर कौशल विकास गतिविधियों तक लिया विस्तृत जायजा !

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शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय में उस समय उत्साह और नई ऊर्जा का माहौल देखने को मिला, जब जनभागीदारी समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष एवं डिप्टी कलेक्टर Vijay Daheriya ने महाविद्यालय का प्रथम औपचारिक निरीक्षण एवं भ्रमण किया। हाल ही में सागर कलेक्टर Pratibha Pal द्वारा उन्हें जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया है। उनके इस प्रथम दौरे को महाविद्यालय प्रशासन, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने विशेष महत्व के रूप में देखा।

महाविद्यालय पहुंचने पर प्राचार्य Saroj Gupta ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने नए अध्यक्ष के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में संस्थान विकास और गुणवत्ता शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।

प्रशासनिक कार्यप्रणाली का किया गहन निरीक्षण

अपने भ्रमण की शुरुआत श्री विजय डहेरिया ने स्थापना शाखा से की, जहां उन्होंने कार्यालयीन व्यवस्थाओं और प्रशासनिक कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने शाखा में कार्यरत कर्मचारियों और लिपिकों से बातचीत करते हुए दस्तावेजों के रख-रखाव, विद्यार्थियों के कार्यों के निष्पादन और कार्यालयीन प्रक्रिया की पारदर्शिता के संबंध में जानकारी ली।

इसके पश्चात उन्होंने नोडल ऑफिस, प्रवेश हेल्पडेस्क और परीक्षा विभाग का निरीक्षण किया। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बनाए गए हेल्पडेस्क की व्यवस्था को उन्होंने सराहनीय बताया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए और प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा विभाग में परीक्षा संबंधी तैयारियों, रिकॉर्ड प्रबंधन और गोपनीय कार्यों की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की गुणवत्ता उसकी प्रशासनिक दक्षता से तय होती है और विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

कौशल विकास गतिविधियों से हुए प्रभावित

महाविद्यालय भ्रमण के दौरान श्री विजय डहेरिया ने स्वामी विवेकानंद प्रकोष्ठ का विशेष रूप से अवलोकन किया। यहां प्रकोष्ठ प्रभारी Pratibha Jain ने उन्हें प्रकोष्ठ के माध्यम से संचालित विभिन्न रोजगारपरक और कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी।

प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने बताया कि महाविद्यालय केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अनेक रोजगारोन्मुखी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। छात्र-छात्राओं को ब्यूटीशियन प्रशिक्षण, पेंटिंग, मेहंदी कला, संगीत, वादन, गायन तथा मीडिया क्षेत्र से जुड़े व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षता प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में स्वरोजगार या रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। श्री विजय डहेरिया ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं में कौशल विकास भी अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि ऐसे नवाचारों को और अधिक व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें।

अधोसंरचना और सुविधाओं का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर विजय डहेरिया ने महाविद्यालय परिसर की अधोसंरचनात्मक व्यवस्थाओं का भी बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कैंटीन, सेमिनार हॉल, एनसीसी कक्ष, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई तथा खेलकूद विभाग का दौरा कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि बेहतर शिक्षण वातावरण के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त परिसर अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कैंटीन की व्यवस्थाओं, स्वच्छता और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया और आवश्यक सुझाव भी दिए।

सेमिनार हॉल में उपलब्ध तकनीकी संसाधनों और अकादमिक गतिविधियों की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा में डिजिटल संसाधनों का महत्वपूर्ण योगदान है। विद्यार्थियों को समय-समय पर संगोष्ठी, कार्यशाला और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रमों से जोड़ा जाना चाहिए।

उन्होंने एनसीसी और एनएसएस इकाइयों की गतिविधियों की भी जानकारी ली और कहा कि ये मंच विद्यार्थियों में अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर दिया विशेष जोर

महाविद्यालय भ्रमण के दौरान श्री विजय डहेरिया ने बीएड भवन में चल रहे रिनोवेशन कार्य और भूगोल प्रयोगशाला के नवनिर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किए जाएं।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और सभी निर्माण कार्य दीर्घकालिक उपयोगिता को ध्यान में रखकर किए जाने चाहिए।

पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की सराहना

महाविद्यालय के पर्यावरणीय प्रयासों ने भी नवनियुक्त अध्यक्ष को प्रभावित किया। इस दौरान Sandeep Sablok ने उन्हें परिसर में स्थापित वर्मी कम्पोस्ट यूनिट और वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि महाविद्यालय परिसर में जैविक अपशिष्टों के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए वर्मी कम्पोस्ट यूनिट स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से प्राकृतिक खाद तैयार की जाती है। साथ ही जल संरक्षण के उद्देश्य से वर्षा जल संचयन प्रणाली भी विकसित की गई है।

इन प्रयासों को देखकर श्री विजय डहेरिया ने महाविद्यालय प्रशासन की सराहना की और कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। शैक्षणिक संस्थानों को केवल शिक्षा तक सीमित न रहकर पर्यावरण जागरूकता और सतत विकास के क्षेत्र में भी उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करने के लिए इस प्रकार की पहल अत्यंत प्रेरणादायक हैं और अन्य संस्थानों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।

विकास और गुणवत्ता शिक्षा के प्रति जताई प्रतिबद्धता

अपने प्रथम निरीक्षण के दौरान श्री विजय डहेरिया ने महाविद्यालय के समस्त स्टाफ से संवाद करते हुए संस्थान के समग्र विकास के लिए सहयोगात्मक कार्यसंस्कृति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, कौशल और सामाजिक मूल्यों के विकास पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने आश्वासन दिया कि जनभागीदारी समिति के माध्यम से महाविद्यालय में बेहतर सुविधाओं, संसाधनों और विकास कार्यों के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने नवनियुक्त अध्यक्ष का आत्मीय स्वागत करते हुए उनके नेतृत्व में संस्थान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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