सागर जिले की बंडा विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत दलपतपुर में 10 दिवसीय कृषि रथ अभियान का शुभारंभ किया गया। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से आयोजित इस अभियान की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में हुई।
देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi के आह्वान एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav के नेतृत्व में कृषि विभाग द्वारा यह अभियान संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों तक शासन की योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाना और उन्हें आधुनिक खेती के लिए जागरूक करना है।

कार्यक्रम में Virendra Singh Limbardar ने कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष भैयाराम सिंह, वरिष्ठ नेता महेंद्र सिंह, दलपतपुर सरपंच रघुनाथ सिंह लोधी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भी भाग लिया।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कृषि रथ आगामी 10 दिनों तक विभिन्न ग्राम पंचायतों में भ्रमण करेगा और किसानों को कृषि से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं एवं तकनीकों की जानकारी देगा। अभियान के दौरान किसानों को ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत टोकन व्यवस्था, उन्नत कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती, फसल बीमा योजना, मृदा परीक्षण, उर्वरक प्रबंधन, पराली प्रबंधन तथा कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

कार्यक्रम में कृषि विभाग के सहायक संचालक Jitendra Rajput, अनुविभागीय अधिकारी Kumod Bunkar, कृषि विज्ञान केंद्र सागर के वैज्ञानिक Mayank Mehra, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बंडा U. S. Ahirwar तथा शाहगढ़ के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी Gajendra Achale सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने बताया कि शासन की प्राथमिकता है कि कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के किसान तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से कृषि रथ गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करेगा और उन्हें योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा।

कार्यक्रम में 200 से अधिक किसानों ने सहभागिता की। किसानों ने कृषि विशेषज्ञों से आधुनिक खेती, प्राकृतिक कृषि और फसल सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे तथा योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। कृषि रथ अभियान को किसानों के लिए लाभकारी पहल बताते हुए जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इससे किसानों को नई तकनीक और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे खेती अधिक लाभकारी और आत्मनिर्भर बन सकेगी।