मकरोनिया में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, ग्रामीणों को योग और टीबी मुक्ति अभियान की दी जानकारी !

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सागर। स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करने और आयुष चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मकरोनिया के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-19 में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। संचालनालय आयुष के निर्देश एवं जिला आयुष अधिकारी डॉ. जोगेंद्र सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों को योग, टीबी जागरूकता और आयुष चिकित्सा के महत्व की जानकारी दी गई।

शासकीय आयुर्वेद औषधालय मकरोनिया द्वारा आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। शिविर के दौरान मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यक परामर्श और आयुष औषधियां भी उपलब्ध कराई गईं। कुल 64 लाभार्थियों ने इस स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सा सेवाओं का लाभ प्राप्त किया।

योग को जीवनशैली में अपनाने का संदेश

शिविर में आगामी विश्व योग दिवस के अंतर्गत चल रहे “100 दिवस काउंटडाउन” कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। आयुष विभाग के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है।

ग्रामीणों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियां सिखाई गईं। विशेषज्ञों ने कहा कि नियमित योग करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक तनाव कम होता है और अनेक बीमारियों से बचाव संभव होता है। बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के दौर में योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है।

शिविर में मौजूद महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने योग अभ्यास में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कई ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें पहली बार योग के स्वास्थ्य लाभों के बारे में इतनी विस्तृत जानकारी मिली है और वे अब नियमित रूप से योग करने का प्रयास करेंगे।

टीबी मुक्ति अभियान के तहत दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

शिविर में “100 दिवस टीबी मुक्ति भारत अभियान” और निक्षय अभियान के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को टीबी रोग के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि टीबी एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है। यदि समय पर जांच और उपचार कराया जाए तो मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। ग्रामीणों को लगातार खांसी, वजन कम होना, बुखार, कमजोरी और भूख कम लगने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी गई।

विशेषज्ञों ने बताया कि सरकार द्वारा टीबी मरीजों के लिए निशुल्क जांच और दवा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही निक्षय अभियान के माध्यम से मरीजों को पोषण सहायता और अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। ग्रामीणों को यह भी समझाया गया कि टीबी के प्रति समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना जरूरी है ताकि मरीज बिना डर के इलाज करा सकें।

आयुष औषधियों के लाभ बताए

शिविर में आयुष चिकित्सा पद्धति के महत्व पर भी जोर दिया गया। चिकित्सकों ने बताया कि आयुर्वेदिक और आयुष औषधियां शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार होती हैं। टीबी जैसी बीमारियों में भी आयुष उपचार सहायक भूमिका निभा सकते हैं।

ग्रामीणों को घरेलू उपचार, संतुलित आहार और स्वच्छ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि नियमित स्वास्थ्य जांच और योग अभ्यास से कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।

ग्रामीणों ने की सराहना

मकरोनिया क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस स्वास्थ्य शिविर को बेहद उपयोगी बताया। लोगों ने कहा कि गांव स्तर पर इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आयोजित होने से उन्हें आसानी से चिकित्सकीय परामर्श और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी मिल जाती है।

आयुष विभाग की इस पहल को लोगों ने सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ेगी और लोग योग एवं आयुष चिकित्सा के प्रति अधिक जागरूक होंगे।

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