सागर। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक खेती और शासन की योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से ग्राम भानगढ़ में किसान रथ यात्रा का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों द्वारा किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के किसानों में विशेष उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में किसानों ने कार्यक्रम में भाग लेकर कृषि विभाग द्वारा दी गई जानकारियों का लाभ उठाया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवधेश राय ने किसान रथ यात्रा के उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक बनाना है, ताकि वे कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर अपनी आय बढ़ा सकें।
उन्होंने किसानों को जैविक खेती के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में रसायन मुक्त खेती की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। जैविक खेती अपनाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है, उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होती है और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक संसाधनों का अधिक उपयोग करने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की अपील की।

कार्यक्रम में ई-टोकन प्रणाली की भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने किसानों को बताया कि यह व्यवस्था फसल विक्रय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए शुरू की गई है। ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से किसानों को समय पर उपज विक्रय की सुविधा मिलेगी तथा उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी।
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवधेश राय ने संतुलित उर्वरक उपयोग और सिंचाई प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी किसानों को दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से सिंचाई और उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने से उत्पादन लागत कम होती है और फसल की गुणवत्ता में सुधार आता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का उपयोग करें।
इस दौरान कृषि विस्तार अधिकारी दीपेश मोगे, प्रताप बागरी, अजहर, अभिषेक कौशिक तथा आत्मा (ATMA) से सत्यम कुर्मी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व के बारे में जागरूक किया।

अधिकारियों ने बताया that मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से किसानों को उनकी भूमि की गुणवत्ता और उसमें उपलब्ध पोषक तत्वों की सही जानकारी मिलती है। इसके आधार पर किसान आवश्यक उर्वरकों का संतुलित उपयोग कर सकते हैं, जिससे उत्पादन में वृद्धि होने के साथ-साथ खेती की लागत भी कम होती है।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने कृषि विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहे हैं। किसानों ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी मिलने से उन्हें खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी।
कृषि विभाग द्वारा आयोजित किसान रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य किसानों को जागरूक, आत्मनिर्भर और उन्नत कृषि की दिशा में प्रेरित करना है। विभाग का मानना है कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से किसानों में नई तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे आधुनिक खेती अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकेंगे।