भोपाल के इनायतपुर में बिजली चोरी का बड़ा खुलासा: 4 किलोवॉट की अनुमति, लेकिन 65 किलोवॉट तक चल रहा था लोड !

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भोपाल के इनायतपुर इलाके में बिजली कंपनी की विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों की नहीं, लेकिन लाखों रुपए की बिजली चोरी का चौंकाने वाला मामला उजागर किया है। घरेलू कनेक्शन की आड़ में दो आलीशान हवेलियों में भारी मात्रा में अवैध बिजली उपयोग किया जा रहा था। अधिकारियों के मुताबिक जिन परिसरों में केवल 4 से 4.5 किलोवॉट बिजली उपयोग की अनुमति थी, वहां 50 से 65 किलोवॉट तक का भारी लोड चलाया जा रहा था।

कार्रवाई के दौरान बिजली कंपनी के अधिकारियों की आंखें उस समय खुली रह गईं जब जांच में सामने आया कि घरेलू कनेक्शन के नाम पर मिनी-कॉमर्शियल स्तर की बिजली खपत की जा रही थी। टीम ने मौके से अवैध वायरिंग, गुप्त टैपिंग और सीधे सप्लाई लेने की व्यवस्था पकड़ी। बिजली कंपनी ने दोनों मामलों में लाखों रुपए का जुर्माना निर्धारित किया है।

घरेलू कनेक्शन की आड़ में चल रहा था भारी लोड

बिजली विभाग के अनुसार इनायतपुर क्षेत्र में लंबे समय से अत्यधिक बिजली खपत और लाइन लॉस की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद विशेष निगरानी के आधार पर विजिलेंस टीम ने कार्रवाई की।

जांच के दौरान सामने आया कि कई घरों में मीटर की इनकमिंग लाइन से छेड़छाड़ कर सीधे सप्लाई ली जा रही थी। कुछ जगहों पर दीवारों के भीतर सर्विस केबल में गुप्त टैपिंग कर बिजली चोरी की जा रही थी, ताकि बाहरी तौर पर कोई अनियमितता दिखाई न दे।

इकबाल खान की हवेली में 51 किलोवॉट से ज्यादा लोड

कार्रवाई के दौरान टीम इकबाल खान की हवेली पहुंची। यहां केवल 4 किलोवॉट का स्वीकृत घरेलू कनेक्शन था, लेकिन निरीक्षण में 51.17 किलोवॉट का भारी लोड मिला।

अधिकारियों के अनुसार परिसर में 6 एयर कंडीशनर, 41 पंखे, 58 एलईडी लाइटें, 8 फ्रीजर और अन्य हाई-पावर उपकरण संचालित पाए गए। इतना अधिक लोड सामान्य घरेलू उपयोग से कई गुना ज्यादा माना जाता है।

जांच के बाद बिजली कंपनी ने इस मामले में करीब 7.52 लाख रुपए की बिलिंग और वसूली निर्धारित की है।

दूसरे परिसर में मिला 65 किलोवॉट से ज्यादा अवैध उपयोग

दूसरी कार्रवाई गुफरान खान के परिसर में की गई। यहां 4.5 किलोवॉट की अनुमति के मुकाबले 65.63 किलोवॉट का लोड पाया गया।

जांच में सामने आया कि दीवारों के अंदर छिपी हुई सर्विस केबल से गुप्त टैपिंग कर बिजली चोरी की जा रही थी। परिसर में 8 एसी, ई-व्हीकल चार्जर, डीप फ्रीजर, वॉटर हीटर, माइक्रोवेव समेत कई हाई-पावर उपकरण चल रहे थे।

इस मामले में बिजली कंपनी ने करीब 8.94 लाख रुपए की वसूली तय की है।

तीसरे परिसर में ताला लगाकर फरार हुए लोग

कार्रवाई के दौरान विजिलेंस टीम मशरूर खान के नाम से जुड़े एक अन्य परिसर में भी पहुंची। लेकिन टीम को देखते ही घर में ताला लगा मिला और लोग गायब हो गए।

इसके बाद अधिकारियों ने पड़ोसी मकान की छत के जरिए संदिग्ध केबल तक पहुंच बनाई और अवैध लाइन काटी। टीम ने मौके से केबल जब्त कर पंचनामा तैयार किया।

बिजली विभाग के अनुसार इस पूरे अभियान में बिजली अधिनियम की धारा-135 के तहत कुल 19 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। वहीं 41 मामलों में करीब 31.36 लाख रुपए की वसूली तय की गई है।

इतना ज्यादा लोड क्यों माना जाता है गंभीर

विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य घरेलू कनेक्शन में 4 से 5 किलोवॉट तक का लोड पर्याप्त माना जाता है, जिसमें पंखे, टीवी, फ्रिज, कूलर और सीमित घरेलू उपकरण आसानी से चल सकते हैं।

लेकिन 50 से 65 किलोवॉट तक का उपयोग किसी छोटे होटल, मिनी इंडस्ट्री या बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान के बराबर माना जाता है। इतनी अधिक बिजली चोरी होने से ट्रांसफॉर्मर और वितरण लाइन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे आसपास के उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज और बिजली कटौती जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

बिजली कंपनी ने दी सख्त चेतावनी

बिजली कंपनी के अधिकारियों ने साफ कहा है कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग अब उन इलाकों पर विशेष निगरानी रख रहा है जहां घरेलू कनेक्शन के बावजूद असामान्य बिजली खपत दर्ज हो रही है।

अधिकारियों का कहना है कि बिजली चोरी केवल आर्थिक नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि पूरे सिस्टम की स्थिरता को प्रभावित करती है। इससे ईमानदारी से बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त भार पड़ता है।

विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अवैध कनेक्शन और बिजली चोरी की जानकारी तत्काल बिजली कंपनी को दें, ताकि ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई की जा सके।

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