बीएचईएल सोलर प्लांट में तांबा चोरी का बड़ा खुलासा: भोपाल की अंतरजिला गैंग के 3 बदमाश गिरफ्तार, 52 किलो तांबा बरामद !

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भोपाल से जुड़ी एक अंतरजिला आपराधिक गैंग का बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के सोलर प्लांट से तांबे की केबल चोरी करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह वारदात पथरोटा क्षेत्र के खापा स्थित सोलर प्लांट में 27 अप्रैल को हुई थी, जिसने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस ने इस कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से 52 किलो तांबा बरामद किया है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 80 हजार रुपये बताई जा रही है। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह चोरी हाई-सिक्योरिटी जोन में अंजाम दी गई थी।

कैसे दिया गया वारदात को अंजाम?

पुलिस जांच में सामने आया कि यह पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से की गई थी। आरोपियों ने पहले पूरे सोलर प्लांट की रेकी की और सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को समझा।

इसके बाद रात के अंधेरे में प्लांट के भीतर घुसकर केबल काटी गई और उसमें मौजूद तांबे को निकालकर चोरी कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सद्दाम खान, नदीम खान और शोराब के रूप में हुई है। ये तीनों भोपाल के रहने वाले बताए गए हैं और पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं।

जेल से बाहर आने के बाद फिर सक्रिय हुई गैंग

पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले बुधनी क्षेत्र में चोरी के एक मामले में गिरफ्तार हुए थे और नसरुल्लागंज जेल में बंद थे। जमानत या रिहाई के बाद उन्होंने फिर से आपराधिक गतिविधियां शुरू कर दीं।

जांच में यह भी सामने आया कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं थी, बल्कि एक संगठित गैंग द्वारा की गई कार्रवाई थी, जिसमें अन्य सदस्य भी शामिल थे।

56 एकड़ में फैले प्लांट में सेंधमारी

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड का यह सोलर प्लांट लगभग 56 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और इसे संवेदनशील ऊर्जा उत्पादन केंद्र माना जाता है।

इतने बड़े और सुरक्षित क्षेत्र में चोरी की घटना ने सुरक्षा गार्डों की तैनाती और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी साइट पर बिना अंदरूनी जानकारी या सुरक्षा चूक के प्रवेश करना आसान नहीं होता।

52 किलो तांबा बरामद, दो आरोपी फरार

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से चोरी किया गया 52 किलो तांबा बरामद कर लिया गया है।

हालांकि इस गैंग के दो अन्य सदस्य—सादिक और रियासत—अभी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें भोपाल और आसपास के जिलों में लगातार दबिश दे रही हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाई-सिक्योरिटी जोन में चोरी होना यह दर्शाता है कि या तो सुरक्षा में गंभीर लापरवाही हुई या फिर अपराधियों को अंदर की जानकारी पहले से उपलब्ध थी।

पुलिस अब केवल आरोपियों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि पूरे सुरक्षा सिस्टम की खामियों की भी जांच कर रही है।

क्या है आगे की जांच?

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस गैंग के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। यह भी जांच का विषय है कि क्या इस चोरी के पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय है जो औद्योगिक क्षेत्रों को निशाना बना रहा है।

फिलहाल इस मामले में तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, लेकिन जांच अभी जारी है और कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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