मुंबई शेयर बाजार में बीते सप्ताह मजबूत तेजी देखने को मिली, जिसका सीधा असर देश की टॉप-10 सबसे बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्य (मार्केट कैप) पर पड़ा। इस दौरान इनमें से 6 कंपनियों की कुल वैल्यू में ₹74,111 करोड़ का इजाफा हुआ। सबसे ज्यादा फायदा देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ, जिसकी मार्केट वैल्यू अकेले ₹24,696 करोड़ बढ़ गई और यह बढ़कर ₹18.33 लाख करोड़ तक पहुंच गई।
इसके अलावा देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS ने भी मजबूती दर्ज की और इसका मार्केट कैप ₹19,338 करोड़ बढ़कर ₹8.38 लाख करोड़ हो गया। बैंकिंग सेक्टर में ICICI बैंक ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, वहीं LIC, बजाज फाइनेंस और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) की वैल्यू में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

हालांकि इस दौरान सभी कंपनियों ने लाभ नहीं कमाया। भारती एयरटेल, HUL, SBI और HDFC बैंक की मार्केट वैल्यू में गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को वहां आंशिक नुकसान भी झेलना पड़ा।
बाजार में तेजी का असर
पिछले सप्ताह सेंसेक्स 1,149 अंक यानी 1.55% की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं शुक्रवार को भी बाजार में मजबूती बनी रही और सेंसेक्स 232 अंक बढ़कर 75,415 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 65 अंक की तेजी के साथ 23,719 पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में यह तेजी मजबूत कॉरपोरेट नतीजों, सकारात्मक वैश्विक संकेतों और निवेशकों की बढ़ती खरीदारी के कारण देखने को मिली।
मार्केट कैप क्या होता है?
मार्केट कैप यानी किसी कंपनी के कुल शेयरों का बाजार मूल्य। इसे कंपनी के कुल जारी शेयरों की संख्या को एक शेयर की कीमत से गुणा करके निकाला जाता है।
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कंपनी के 1 करोड़ शेयर हैं और एक शेयर की कीमत ₹20 है, तो उसकी कुल मार्केट वैल्यू ₹20 करोड़ होगी।
निवेशकों और कंपनियों पर असर
मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को सीधा फायदा होता है क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है और उनकी संपत्ति में इजाफा होता है। वहीं कंपनियों के लिए यह फंड जुटाने, निवेश आकर्षित करने और विस्तार करने में मददगार होता है।
दूसरी ओर, मार्केट कैप में गिरावट से निवेशकों को नुकसान हो सकता है और कंपनी की वित्तीय स्थिति पर भी दबाव बढ़ सकता है।
कुल मिलाकर, बीते सप्ताह शेयर बाजार की यह तेजी निवेशकों के लिए सकारात्मक रही और कई बड़ी कंपनियों ने मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया।