बीना/खुरई।
खुरई शहर के विनोबा भावे वार्ड में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए की गई सड़क खुदाई अब लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनती जा रही है। जगह-जगह खोदी गई सड़कों पर बने गहरे गड्ढों के कारण आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि आए दिन वाहन इन गड्ढों में फंस रहे हैं और दुर्घटनाएं हो रही हैं। बीती रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक कार सड़क पर बने गड्ढे में फंसकर पलटने की स्थिति में पहुंच गई। कार में सवार परिवार को बड़ी मुश्किल से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

जानकारी के अनुसार खुरई के नए विनोबा भावे वार्ड, जिसे पुराने निर्तला क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है, वहां पानी की टंकी से पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन डालने का कार्य एशियाटिक ट्रेडर्स कंपनी द्वारा किया जा रहा है। पाइपलाइन बिछाने के लिए सीसी सड़कों को कई स्थानों पर खोदा गया है, लेकिन खुदाई के बाद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। इससे पूरे क्षेत्र में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनसे लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ठेकेदार कंपनी लापरवाही बरत रही है। पाइपलाइन डालने के बाद न तो सड़कों को समतल किया जा रहा है और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए हैं। रात के समय अंधेरे में ये गड्ढे और भी खतरनाक साबित हो रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

बीती रात वार्ड निवासी जितेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी कार सड़क पर बने एक गहरे गड्ढे में फंस गई। कार असंतुलित होकर पलटने की स्थिति में पहुंच गई, जिससे परिवार के लोग घबरा गए। जितेंद्र सिंह ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए परिवार के सदस्यों को कार से बाहर निकाला। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन परिवार बाल-बाल बच गया।
जितेंद्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र में कई जगह सड़कें पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा काम तो किया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा और मरम्मत को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि नेशनल हाईवे बीना-खुरई मार्ग की मुख्य सड़क पर भी बड़ा गड्ढा खोदा गया है, जिसके कारण कई बाइक चालक दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अब पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बरसात से पहले यदि इन गड्ढों की मरम्मत नहीं हुई तो समस्या और गंभीर हो सकती है। लोगों ने बताया कि छोटे बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक परेशान हैं। कई बार बाइक सवार गड्ढों में फिसलकर घायल हो चुके हैं।
वार्डवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि पाइपलाइन परियोजना का कार्य व्यवस्थित तरीके से कराया जाए और खुदाई के बाद सड़कों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि पेयजल योजना जनता की सुविधा के लिए है, लेकिन लापरवाही के कारण यही योजना अब लोगों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बनती जा रही है।
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार कार्य नहीं कराया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों को क्षेत्र का निरीक्षण कर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
शहरवासियों का यह भी कहना है कि विकास कार्यों के दौरान आम जनता की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखना प्रशासन और ठेकेदार दोनों की जिम्मेदारी है। लेकिन वर्तमान स्थिति में न तो सुरक्षा संकेत लगाए गए हैं और न ही गड्ढों को ढंका गया है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
फिलहाल क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द इस समस्या का समाधान करेगा और सड़कों की मरम्मत कराकर आवागमन को सुरक्षित एवं सुचारू बनाएगा।