Devi Ahilya Vishwavidyalaya के आईईटी विभाग के हॉस्टल में छात्रों द्वारा अर्धनग्न होकर डांस करने और जमकर तोड़फोड़ करने के मामले में अब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग ने पहचान किए गए छात्रों और उनके अभिभावकों को तलब करना शुरू कर दिया है। अब तक चार छात्रों के माता-पिता विभाग पहुंच चुके हैं और प्रबंधन से चर्चा कर चुके हैं।

मामला इंदौर स्थित आईईटी विभाग के हॉस्टल का है, जहां फाइनल ईयर के कुछ छात्रों ने देर रात जमकर उत्पात मचाया था। वायरल वीडियो में छात्र अर्धनग्न अवस्था में “दारू बदनाम कर दी” गाने पर डांस करते नजर आए थे। इसके अलावा हॉस्टल की कुर्सियां, टेबल, पानी की टंकियां और खिड़कियों के कांच तोड़े गए थे। घटना के बाद पूरे विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया था।
आईईटी विभाग के निदेशक डॉ. प्रतोष बंसल ने बताया कि वीडियो फुटेज के आधार पर अब तक 17 छात्रों की पहचान की गई है। इन सभी को नोटिस जारी किए गए हैं और उनके अभिभावकों को व्यक्तिगत रूप से विभाग में बुलाया जा रहा है। विभाग का कहना है कि इस तरह का व्यवहार न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि संस्थान की छवि को भी नुकसान पहुंचाने वाला है।

प्रबंधन के सामने पहुंचे अभिभावकों ने भी छात्रों की हरकत पर नाराजगी जताई। सूत्रों के अनुसार कई पेरेंट्स अपने बच्चों की इस हरकत से बेहद शर्मिंदा नजर आए। विभाग द्वारा छात्रों और उनके अभिभावकों से एक एफिडेविट भी लिया जा रहा है, जिसमें यह उल्लेख किया जा रहा है कि छात्र भविष्य में ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगे जिससे संस्थान की प्रतिष्ठा धूमिल हो। साथ ही यह भी लिखवाया जा रहा है कि छात्र समाजहित में कार्य करेंगे और एक जिम्मेदार नागरिक बनने का प्रयास करेंगे।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए प्रत्येक दोषी छात्र पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक छात्र यह पेनाल्टी जमा नहीं करेंगे, तब तक उनका परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया जाएगा। हालांकि शुरुआती कार्रवाई के दौरान छात्रों को परीक्षा देने से रोक दिया गया था, लेकिन बाद में जांच प्रक्रिया के बाद उनके शेष पेपर कराने का निर्णय लिया गया।
डॉ. प्रतोष बंसल ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी भी सिखाता है। ऐसे में हॉस्टल में हुई यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संस्थान की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और सार्वजनिक रूप से अशोभनीय व्यवहार करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

घटना के बाद छात्रों द्वारा माफी मांगते हुए एक वीडियो भी जारी किया गया था, जिसमें उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसी हरकत न दोहराने का आश्वासन दिया था। बावजूद इसके विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुशासनहीनता पर नरमी नहीं बरती जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर हॉस्टल संस्कृति और छात्रों में बढ़ती अनुशासनहीनता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षाविदों का मानना है कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों में तकनीकी शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा और मानसिक परामर्श की भी आवश्यकता है, ताकि छात्र तनाव या उत्साह में ऐसी हरकतें न करें।
वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने इसे युवा पीढ़ी में बढ़ती बेलगाम संस्कृति का उदाहरण बताया, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सुधारात्मक कार्रवाई ज्यादा जरूरी है।
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और अन्य छात्रों की पहचान भी की जा रही है। आने वाले दिनों में दोषी पाए गए छात्रों पर और कड़ी कार्रवाई हो सकती है।