बेटे की मौत का सदमा नहीं सह सकी मां, 10 मिनट बाद एंबुलेंस में तोड़ा दम; छतरपुर की घटना ने झकझोर दिया !

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मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक बेहद भावुक और दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। यहां 6 साल के बेटे की मौत का सदमा उसकी मां सहन नहीं कर सकी और बेटे की सांसें थमने के करीब 10 मिनट बाद उसने भी एंबुलेंस में दम तोड़ दिया। मां-बेटे को जब जिला अस्पताल पहुंचाया गया तो डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है।

यह घटना जिले के हरपालपुर के स्टेशन मोहल्ले की है। मृत महिला की पहचान 36 वर्षीय रजिया खातून और उसके 6 वर्षीय बेटे हुसैन के रूप में हुई है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, उसकी आंखें नम हो गईं।

परिजनों के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 3 बजे हुसैन की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे तेज बुखार, उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। बच्चे की हालत तेजी से खराब होती देख परिवार उसे शाम करीब 4 बजे हरपालपुर अस्पताल लेकर पहुंचा। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे नौगांव अस्पताल रेफर कर दिया।

शाम करीब 7 बजे परिवार हुसैन को लेकर नौगांव अस्पताल पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने लगभग एक घंटे तक इलाज किया, लेकिन बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। उल्टियां लगातार जारी थीं और तेज बुखार के कारण वह दर्द से तड़प रहा था। स्थिति गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल छतरपुर रेफर कर दिया।

परिवार एंबुलेंस से बच्चे को लेकर छतरपुर के लिए रवाना हुआ। इस दौरान मां रजिया खातून अपने बेटे को गोद में लेकर बैठी थी। बच्चे के मामा मोहम्मद सलीम ने बताया कि रास्तेभर रजिया अपने बेटे के सिर पर हाथ फेरती रही और उसे सहलाकर संभालने की कोशिश करती रही। वह लगातार बेटे को आवाज दे रही थी और उसकी हालत देखकर रो रही थी।

छतरपुर पहुंचने से कुछ दूरी पहले अचानक हुसैन के शरीर में हलचल बंद हो गई। मां को शायद उसी समय एहसास हो गया था कि उसका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। मामा के मुताबिक बेटे के रिस्पॉन्स नहीं देने के बाद रजिया जोर-जोर से रोने लगी, लेकिन कुछ ही देर बाद वह अचानक शांत हो गई और एंबुलेंस की सीट पर सिर टिकाकर बैठ गई।

शुरुआत में परिवार को लगा कि वह सदमे में है, लेकिन जब काफी देर तक उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो परिजनों को शक हुआ। करीब 5 से 10 मिनट बाद जब एंबुलेंस जिला अस्पताल पहुंची और डॉक्टरों ने जांच की, तब पता चला कि मां और बेटे दोनों की मौत हो चुकी है।

जिला अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार मां-बेटे को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। CMHO डॉ. राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दोनों ने तरबूज खाया था और पेप्सी पी थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी। प्रथम दृष्टया फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई है, हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि रजिया खातून ही पूरे परिवार का सहारा थी। परिजनों के मुताबिक उसके पति सुभान अहमद कैंसर की अंतिम स्टेज से जूझ रहे हैं और लंबे समय से बिस्तर पर हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी पूरी तरह रजिया पर थी। वह घर पर छोटी किराने की दुकान चलाकर परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और पति का इलाज संभाल रही थी।

रजिया के पीछे अब तीन बच्चे रह गए हैं — बड़ा बेटा सैफ (15), बेटी नौसीन (14) और छोटी बेटी आलिया (12)। एक ही दिन में मां और छोटे भाई को खोने के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि रजिया बेहद मेहनती और संघर्षशील महिला थी, जिसने कठिन परिस्थितियों में भी परिवार को संभाले रखा।

घटना के बाद पूरे हरपालपुर क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। लोग इस दर्दनाक घटना को सुनकर भावुक हो रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच में जुटा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके।

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