बीना-खुरई में भाईचारे और श्रद्धा के साथ मनाया गया ईद-उल-अजहा का पर्व !

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बीना और खुरई क्षेत्र में गुरुवार को ईद-उल-अजहा का पर्व धार्मिक आस्था, उत्साह और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए मुस्लिम समाज के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी नए परिधानों में ईद की नमाज अदा करने पहुंचे। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और देश-प्रदेश में अमन-चैन, खुशहाली और अच्छी बारिश की दुआ मांगी।

ईद-उल-अजहा, जिसे बकरीद भी कहा जाता है, इस्लाम धर्म का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह त्याग, बलिदान और समर्पण का प्रतीक है। इस अवसर पर मुस्लिम समाज के लोग अल्लाह की राह में कुर्बानी देकर मानवता, सेवा और भाईचारे का संदेश देते हैं। बीना और खुरई में भी यह पर्व पूरी श्रद्धा और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाया गया।

बीना शहर में नई बस्ती स्थित ईदगाह पर सुबह से ही नमाजियों का पहुंचना शुरू हो गया था। बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने यहां सामूहिक नमाज अदा की। नमाज के दौरान लोगों ने देश और प्रदेश की तरक्की, समाज में शांति और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआएं मांगीं। नमाज के बाद ईदगाह परिसर में लोगों ने एक-दूसरे से मुलाकात कर ईद की शुभकामनाएं दीं।

हाफिज कारी अतीक अहमद ने बताया कि ईद को लेकर बाजारों में देर रात तक रौनक बनी रही। लोगों ने कपड़े, सेवइयां, मिठाइयां और अन्य जरूरत का सामान खरीदा। सुबह से ही घरों में ईद की तैयारियां शुरू हो गई थीं। बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने बताया कि ईद का संदेश आपसी प्रेम, त्याग और इंसानियत की भावना को मजबूत करना है।

बीना के इटावा ईदगाह पर भी मुस्लिम समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर नमाज अदा की। यहां मौलाना इस्लाम साहब ने नमाज अदा कराई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ईद-उल-अजहा का पर्व हमें दूसरों की मदद करने और समाज में सौहार्द बनाए रखने की सीख देता है। नमाज के दौरान लोगों ने देश में शांति और समाज में भाईचारे की कामना की।

ईद के अवसर पर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुबह से ही विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में निगरानी बनाए रखी। बीना में एसडीएम रवीश श्रीवास्तव, एसडीओपी अजय कुमार सनकत, तहसीलदार अंबर पंथी, थाना प्रभारी अनूप यादव और नायब तहसीलदार हेमराज मेहर सहित पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने ईदगाहों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

वहीं खुरई क्षेत्र में भी ईद-उल-अजहा का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया गया। पॉलिटेक्निक कॉलेज रोड स्थित ईदगाह पर बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे। यहां हाफिज सलामत कुरैशी ने ईद की विशेष नमाज अदा कराई। नमाज के बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को बधाई दी और क्षेत्र में सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।

हाफिज सलामत कुरैशी ने कहा कि ईद का पर्व प्रेम, सहयोग और कुर्बानी की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि नमाज के दौरान देश में अमन-चैन, प्रदेश में अच्छी बारिश और शहर की खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई। लोगों ने समाज में एकता और भाईचारे को बनाए रखने का संकल्प भी लिया।

खुरई के अलावा खिमलासा, कंजिया, भानगढ़, मंडी बामौरा, मालथौन, बांदरी, बरोदिया कलां और बरोदिया नोनागिर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी ईद की नमाज अदा की गई। ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोगों ने एक-दूसरे के घर पहुंचकर बधाई दी और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खुरई प्रशासन भी अलर्ट रहा। एसडीएम मनोज चौरसिया, शहरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी और देहात थाना प्रभारी संतोष सिंह सहित पुलिस बल विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहा। अधिकारियों ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से पर्व मनाने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

ईद-उल-अजहा के इस पर्व ने एक बार फिर क्षेत्र में सामाजिक एकता और भाईचारे की मिसाल पेश की। लोगों ने धर्म और समुदाय से ऊपर उठकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और मिलजुलकर पर्व का आनंद लिया।

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