छतरपुर जिले के बड़ामलहरा पुलिस अनुभाग अंतर्गत भगवॉ थाना क्षेत्र के ग्राम सतपारा में बुधवार शाम गैस सिलेंडर लीकेज से लगी भीषण आग ने एक परिवार की पूरी गृहस्थी तबाह कर दी। हादसे में घर में रखा अनाज, नगदी, सोने-चांदी के जेवर, फर्नीचर और घरेलू सामान जलकर राख हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आगजनी में करीब 8 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। हालांकि समय रहते परिवार के सदस्य घर से बाहर निकल आए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

जानकारी के अनुसार, ग्राम सतपारा निवासी गनेश कुशवाहा (54) के घर में बुधवार शाम खाना बनाया जा रहा था। उस समय उनका बेटा राजकुमार गैस चूल्हे पर भोजन तैयार कर रहा था। इसी दौरान अचानक गैस सिलेंडर से लीकेज शुरू हो गई। देखते ही देखते गैस ने आग पकड़ ली और कुछ ही क्षणों में आग की तेज लपटें पूरे कमरे में फैल गईं।
परिवार के लोगों ने जब आग भड़कती देखी तो अफरा-तफरी मच गई। घर में मौजूद सभी सदस्य किसी तरह जान बचाकर बाहर भागे और आसपास के लोगों को आवाज लगाई। ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थानीय स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग तेजी से फैल चुकी थी। घर में रखा लकड़ी और कपड़े का सामान आग को और भड़काता चला गया।

ग्रामीणों ने पानी और अन्य संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक आग पूरे घर को अपनी चपेट में ले चुकी थी। कुछ ही देर में घर के अंदर रखा लगभग सारा सामान जलकर राख हो गया।
पीड़ित परिवार के अनुसार, आगजनी में करीब 12 क्विंटल गेहूं, चना, दाल, ज्वार और अन्य खाद्यान्न पूरी तरह नष्ट हो गया। इसके अलावा घर में रखी करीब 50 हजार रुपए की नगदी भी जल गई। घरेलू उपयोग का सामान जैसे बर्तन, सोफा, पलंग, कूलर, मोबाइल फोन, कपड़े और अन्य जरूरी वस्तुएं भी आग की भेंट चढ़ गईं।
आग की इस घटना में महिलाओं के सोने-चांदी के आभूषण भी नहीं बच सके। परिवार ने बताया कि दो मंगलसूत्र, चार सोने की चूड़ियां, चांदी की पायल, करधनी और अन्य जेवर जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए। हादसे के बाद परिवार सदमे में है और उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है।
घटना की सूचना मिलते ही भगवॉ थाना प्रभारी सुरभि शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से आग बुझाने में सहयोग किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक घर और उसमें रखा अधिकांश सामान पूरी तरह जल चुका था।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का प्राथमिक आंकलन शुरू कर दिया है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण गैस सिलेंडर से गैस रिसाव माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और नुकसान का विस्तृत पंचनामा तैयार किया जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार की पूरी गृहस्थी नष्ट हो गई है और उन्हें तत्काल राहत की जरूरत है। आगजनी की इस घटना ने गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गैस सिलेंडर का उपयोग करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। सिलेंडर और रेगुलेटर की नियमित जांच, गैस रिसाव की स्थिति में तुरंत चूल्हा बंद करना और आग से दूरी बनाए रखना ऐसे हादसों को रोकने में मदद कर सकता है।
फिलहाल पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है और ग्रामीण उनके सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं। प्रशासन द्वारा राहत सहायता को लेकर कार्रवाई किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।