छतरपुर जिले के लवकुशनगर में 23 मई को हुए चर्चित केके गुप्ता हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन वयस्क और एक नाबालिग शामिल है। पुलिस के अनुसार, उधारी के पैसों को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया था, जिसमें केके गुप्ता की मौत हो गई थी जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 8-8 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहे थे, लेकिन पुलिस ने विशेष टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार, घटना 23 मई की रात अक्टौहा तिराहा पर हुई थी। बताया गया कि केके गुप्ता और आरोपियों के बीच उधारी के पैसों को लेकर पहले विवाद हुआ। विवाद कुछ ही देर में इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने धारदार हथियारों और लाठियों से हमला कर दिया। हमले में केके गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में आक्रोश का माहौल बन गया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
एसपी रजत सकलेचा के निर्देश पर मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई। जांच में एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड और साइबर सेल की मदद ली गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल से मिले सबूतों और संदिग्धों की गतिविधियों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।

जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी विक्की उर्फ विवेक विश्वकर्मा, बड्डन उर्फ महेश विश्वकर्मा, भारत द्विवेदी और एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने उधारी के पैसों के विवाद में हत्या करना स्वीकार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए चाकू, लाठियां और मोटरसाइकिल भी बरामद की है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ कर यह भी पता लगाया जा रहा है कि वारदात की योजना पहले से बनाई गई थी या विवाद अचानक हिंसक रूप ले गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी भारत द्विवेदी आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ चोरी, लूट, मारपीट और अन्य गंभीर अपराधों सहित लगभग 25 मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।

आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद लवकुशनगर पुलिस ने उनका शहर में जुलूस निकाला। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस का कहना है कि अपराधियों में कानून का भय पैदा करने और आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। आरोपी पुलिस सुरक्षा के बीच शहर के प्रमुख मार्गों से ले जाए गए, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई।
एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने जांच टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कम समय में मामले का खुलासा किया गया। वहीं स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की कार्रवाई को राहत भरा कदम बताया है।