मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल और मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा पुलिस भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा की तारीखों का ऐलान किए जाने के बाद अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। प्रदेश में लगातार 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहे तापमान के बीच होने वाली 800 मीटर दौड़ को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उम्मीदवारों के परिवारों का कहना है कि इतनी भीषण गर्मी में फिजिकल टेस्ट कराना जोखिम भरा साबित हो सकता है।
दरअसल, मध्यप्रदेश में सूबेदार और पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2025 के तहत चयनित अभ्यर्थियों के लिए फिजिकल टेस्ट और इंटरव्यू की प्रक्रिया 5 जून से 11 जून तक आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा भोपाल और जबलपुर में कराई जानी है। इसी बीच पुलिस मुख्यालय ने प्रधान आरक्षक (कंप्यूटर) और सहायक उपनिरीक्षक (कंप्यूटर) के कुल 89 पदों के लिए भी शारीरिक दक्षता परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है। यह फिजिकल टेस्ट 7 जून से 9 जून 2026 के बीच आयोजित होगा।
भीषण गर्मी के बीच आयोजित हो रही इन परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों के परिजन परीक्षा की टाइमिंग बदलने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले वर्षों में गर्मी के कारण हुई घटनाओं से सबक लेना जरूरी है। खासतौर पर वर्ष 2022 की पुलिस भर्ती परीक्षा को लोग याद कर रहे हैं, जब शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान दो युवकों की मौत हो गई थी।

जानकारी के अनुसार, प्रधान आरक्षक (कंप्यूटर) एवं सहायक उपनिरीक्षक (कंप्यूटर) भर्ती परीक्षा के लिए ऑनलाइन एग्जाम 24 और 25 मार्च को आयोजित किया गया था। इसका परिणाम 8 मई को घोषित किया गया। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को अब अगले चरण के तहत शारीरिक प्रवीणता परीक्षा देनी होगी। इसमें उम्मीदवारों की 800 मीटर दौड़ और दस्तावेज सत्यापन शामिल रहेगा।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार यह परीक्षा भोपाल के लाल परेड ग्राउंड, जहांगीराबाद तथा परेड ग्राउंड 6वीं वाहिनी विसबल रांझी में आयोजित की जाएगी। सहायक पुलिस महानिरीक्षक चयन एवं भर्ती गोपाल सिंह धाकड़ ने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को निर्धारित तारीख पर ही उपस्थित होना होगा। उम्मीदवारों को आधार कार्ड साथ लाने और विभिन्न चरणों में आधार ई-केवाईसी सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, परीक्षा की तारीखों के ऐलान के साथ ही सोशल मीडिया और अभ्यर्थियों के समूहों में फिजिकल टेस्ट की टाइमिंग को लेकर बहस शुरू हो गई है। कई अभिभावकों का कहना है कि सुबह जल्दी या देर शाम परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए ताकि लू और अत्यधिक गर्मी से बचाव हो सके।
वर्ष 2022 की घटना को याद करते हुए लोग कह रहे हैं कि प्रशासन को पहले से सावधानी बरतनी चाहिए। उस समय पुलिस भर्ती की शारीरिक परीक्षा के दौरान दो अभ्यर्थियों की मौत हो गई थी। जबलपुर में भर्ती दौड़ के दौरान बालाघाट निवासी 29 वर्षीय इंदरकुमार लिल्हारे 800 मीटर दौड़ पूरी करने के बाद बेहोश हो गए थे। बताया गया था कि उनके नाक और कान से खून निकलने लगा था। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
इसी तरह सिवनी निवासी 22 वर्षीय नरेंद्र कुमार गौतम की भी दौड़ पूरी करने के बाद तबीयत बिगड़ गई थी और उनकी मौत हो गई थी। इन घटनाओं के बाद उस समय के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने फिजिकल परीक्षा की टाइमिंग बदलने और तारीख आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे।
अब एक बार फिर प्रदेश में तेज गर्मी के बीच भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, ऐसे में अभ्यर्थियों के परिवारों की चिंता स्वाभाविक मानी जा रही है। कई लोगों का कहना है कि उम्मीदवार लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया की तैयारी करते हैं और केवल खराब मौसम या अव्यवस्थित परीक्षा प्रबंधन के कारण किसी की जान जोखिम में नहीं डाली जानी चाहिए।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि अत्यधिक गर्मी में शारीरिक परीक्षा के दौरान पर्याप्त मेडिकल व्यवस्था, पानी, प्राथमिक उपचार और समय प्रबंधन बेहद जरूरी है। यदि समय रहते उचित इंतजाम नहीं किए गए, तो अभ्यर्थियों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है।
फिलहाल पुलिस मुख्यालय की ओर से परीक्षा कार्यक्रम में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बढ़ते दबाव और पुरानी घटनाओं को देखते हुए अभ्यर्थियों और उनके परिजन प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग कर रहे हैं।