खरगोन जिले में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने बुधवार रात व्यापक स्तर पर कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया। करीब पांच घंटे तक चली इस विशेष कार्रवाई में जिलेभर के 400 से अधिक पुलिसकर्मी सड़कों पर उतरे और सूचीबद्ध गुंडों, निगरानीशुदा बदमाशों तथा फरार वारंटियों के घरों और ठिकानों पर दबिश दी।
इस अभियान के दौरान कुल 78 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से जिले के अपराध जगत में हड़कंप मच गया।
रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक चला अभियान
पुलिस के अनुसार यह विशेष कॉम्बिंग गश्त बुधवार रात 12 बजे शुरू हुई और गुरुवार सुबह 5 बजे तक लगातार जारी रही।
अभियान के तहत पुलिस टीमों ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई करते हुए 123 सूचीबद्ध गुंडों और 68 निगरानीशुदा बदमाशों के ठिकानों की अचानक जांच की।
पुलिस ने उन अपराधियों को भी निशाने पर लिया, जो लंबे समय से फरार चल रहे थे या जिनके खिलाफ स्थायी वारंट जारी थे।
15 स्थायी वारंटी और 63 निगरानी बदमाश गिरफ्तार
कॉम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस ने जिलेभर से 15 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा 63 निगरानीशुदा बदमाशों को भी हिरासत में लिया गया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कई आरोपी लंबे समय से पुलिस से बचते फिर रहे थे। रात में अचानक हुई दबिश के कारण उन्हें भागने का मौका नहीं मिला।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एसपी ने खुद की मॉनिटरिंग
Ravindra Verma ने अभियान शुरू होने से पहले जिला पुलिस बल की विशेष ब्रीफिंग ली। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्रवाई पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ की जाए।
एसपी ने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए फरार अपराधियों की गिरफ्तारी बेहद जरूरी है। उन्होंने पुलिस टीमों को निर्देश दिए कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न किया जाए।
कई वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद
अभियान के दौरान Bhikangaon, Mandleshwar, Barwaha और खरगोन के एसडीओपी भी मैदान में सक्रिय रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पहुंचकर गश्त की निगरानी की और हवालातों का निरीक्षण भी किया।
पुलिस अधिकारियों ने थानों में दर्ज लंबित मामलों और फरार आरोपियों की सूची की समीक्षा भी की।
अपराधियों में बढ़ा पुलिस का डर
पुलिस का कहना है कि इस तरह के कॉम्बिंग ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य अपराधियों में कानून का डर पैदा करना और आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना है।

अक्सर रात के समय सक्रिय रहने वाले बदमाश चोरी, लूट, अवैध शराब, जुआ और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहते हैं। ऐसे अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना अभियान का अहम हिस्सा था।
जिले में लगातार बढ़ाई जा रही निगरानी
Madhya Pradesh Police के अधिकारियों के मुताबिक जिले में आने वाले दिनों में भी इसी तरह के विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
पुलिस अब हिस्ट्रीशीटरों, आदतन अपराधियों और फरार आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रही है।
इसके अलावा संवेदनशील इलाकों में रात के समय गश्त बढ़ाने और संदिग्ध लोगों की नियमित जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।
कानून व्यवस्था मजबूत करने की कोशिश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि ऐसे अभियान लगातार चलने से अपराधियों में डर बना रहेगा और आम नागरिक खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे।