सागर जिले के बीना विकासखंड अंतर्गत ग्राम गुलौआ में किसान रथ यात्रा का उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। गांव में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीणजन एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए। किसान रथ यात्रा का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं तथा उन्नत खेती की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना है। कार्यक्रम के दौरान ग्राम गुलौआ में किसान चौपाल का आयोजन किया गया, जहां किसानों ने खेती-किसानी से जुड़े विभिन्न विषयों पर अधिकारियों से सीधा संवाद किया।
कार्यक्रम में बीना विधानसभा की विधायक एडवोकेट श्रीमती निर्मला सप्रे मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उनके साथ बीना जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उषा राय, सागर जिले के कृषि उप संचालक राजेश त्रिपाठी सहित कृषि विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सभी अतिथियों का ग्रामीणों एवं किसानों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। गांव में किसान रथ यात्रा के पहुंचते ही किसानों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

किसान चौपाल के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। विशेष रूप से उर्वरक वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन प्रणाली के बारे में किसानों को विस्तार से समझाया गया। अधिकारियों ने बताया कि ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से किसानों को समय पर और पारदर्शी तरीके से खाद उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अनियमितताओं पर रोक लगेगी और किसानों को लंबी कतारों एवं परेशानियों से राहत मिलेगी।
इसके अलावा कार्यक्रम में किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि मिट्टी की जांच के आधार पर तैयार किया गया सॉयल हेल्थ कार्ड किसानों को यह समझने में मदद करता है कि उनकी भूमि में कौन-कौन से पोषक तत्वों की कमी है और किस प्रकार की फसल तथा उर्वरक उनके खेतों के लिए उपयुक्त होंगे। इससे खेती की लागत कम होती है और उत्पादन में वृद्धि होती है।
किसान चौपाल में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले नुकसान के बारे में बताया तथा प्राकृतिक खेती अपनाने के फायदे समझाए। उन्होंने कहा कि जैविक खेती न केवल मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखती है, बल्कि इससे उत्पादित अनाज और सब्जियां स्वास्थ्य के लिए भी अधिक लाभकारी होती हैं। किसानों को जीवामृत, गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट एवं अन्य जैविक उपायों के उपयोग की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान आधुनिक कृषि तकनीकों एवं नवाचारों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने किसानों को ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर सिंचाई, उन्नत बीजों का चयन, फसल चक्र परिवर्तन एवं कृषि यंत्रीकरण जैसी तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धतियों एवं आधुनिक तकनीकों के उपयोग से खेती को अधिक लाभदायक बनाया जा सकता है। साथ ही किसानों को मौसम आधारित खेती और फसल प्रबंधन के बारे में भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।

विधायक श्रीमती निर्मला सप्रे ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। किसान रथ यात्रा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ाने की अपील की।
जनपद अध्यक्ष श्रीमती उषा राय ने कहा कि कृषि हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की समृद्धि से ही गांव एवं प्रदेश का विकास संभव है। उन्होंने किसानों को संगठित होकर नई तकनीकों को अपनाने और खेती में नवाचार करने के लिए प्रेरित किया।
कृषि उप संचालक राजेश त्रिपाठी ने किसानों को भरोसा दिलाया कि कृषि विभाग हर समय किसानों की सहायता के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि किसान किसी भी समस्या के समाधान के लिए कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं। विभाग द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
ग्राम गुलौआ में आयोजित किसान रथ यात्रा और किसान चौपाल किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हुई। किसानों ने कार्यक्रम में मिली जानकारी को उपयोगी बताते हुए सरकार और कृषि विभाग की इस पहल की सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि इस प्रकार के आयोजन गांव स्तर पर होने से किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी आसानी से मिल रही है, जिससे खेती को आधुनिक और लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर किसान रथ यात्रा कृषि जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक प्रभावी अभियान के रूप में उभरकर सामने आ रही है। यह पहल किसानों को नई सोच, नई तकनीक और बेहतर खेती के लिए प्रेरित कर रही है तथा कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन रही है।